देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने मणिपुर राज्य में हिंसा में वृद्धि पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, साथ ही गोलीबारी में चार मुस्लिमों की मौत पर दुख जताते हुए इसे राज्य सरकार की उदासीनता और गैर जिम्मेदार रवैया करार दिया। उन्होंने इस संबंध में गृहमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
मंगलवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने गृहमंत्री अमित शाह और मणिपुर राज्य के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह को पत्र लिखकर कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मैतेई पंगाल लोग बसे हुए हैं। यहां के मुसलमान जो अभी तक मैतेई और कुकी समूहों के बीच जातीय संघर्ष में शामिल नहीं हुए हैं, अब उनको भी निशाना बनाया जा रहा है, जो राज्य सरकार की गैर जिम्मेदारी का परिणाम है।
मौलाना मदनी ने कहा कि सांप्रदायिक ताने-बाने को ठीक करना और सभी नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना राज्य की प्राथमिकता होनी चाहिए। मौलाना मदनी ने पूरी घटना की पृष्ठभूमि और जबरन वसूली की घटनाओं की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों को व्यापक चिकित्सा सहायता की भी मांग की है। इसके साथ ही मौलाना मदनी ने प्रदेश जमीयत उलमा के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शांति स्थापित करने में अपनी हर संभव भूमिका निभाएं।