चिलकाना। कथा व्यास आचार्य उमेश कृष्ण ब्रजवासी ने कहा कि जो व्यक्ति सात दिन तक भागवत कथा का श्रवण करता है, उसे मुक्ति मिल जाती है। कलयुग में केवल भागवत कथा ही मुक्ति का सर्वोत्तम साधन है।
कस्बे के देवी बाला सुंदरी मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास ने भोले नाथ द्वारा माता पार्वती को अमर कथा श्रवण कराने तथा श्रीशुकदेव जी के प्रादुर्भाव, भीष्म पितामह द्वारा कृष्ण स्तुति करना तथा पांडवों पर भगवान की कृपा करने के प्रसंग को सुनाया। राजा परीक्षित के जन्म और उनको श्रृंगी ऋषि से श्राप मिलने पर श्री शुकदेव जी द्वारा भागवत श्रवण कराने से सात दिनों में मुक्ति को प्राप्त करने के साथ ही कथा में कलयुग के दुर्गुणों का वर्णन करते हुए बताया कि मेहनत से कमाए स्वर्ण में भगवान का वास है और झूठ बोलकर या बेईमानी से कमाए गए स्वर्ण में कलयुग का वास होता है। जिस कारण मनुष्य की बुद्धि में विकृति आ जाती है। उसमें अभिमान, क्रोध आदि दुर्गुण उत्पन्न हो जाते हैं। इसीलिए कहा गया है कि जैसा खाओगे अन्न, वैसा बनेगा मन और जैसा पियोगे पानी, वैसी बनेगी वाणी। कथा में यजमान राजेन्द्र कुमार रहे, जबकि पंडित आशीष शर्मा ने पूजन कराया।