सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-आठ महेश कुमार ने ससुर ओमप्रकाश के अपहरण व हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर दामाद भोपाल सिंह और उसके बहनोई अनिल कुमार को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 1.60 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में करीब दस साल बाद कोर्ट का निर्णय आया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बताया कि महानगर की वर्धमान कॉलोनी निवासी ओमप्रकाश की बेटी की शादी गांव खुर्रमपुर, बेहट निवासी भोपाल सिंह के साथ हुई थी। पत्नी की हत्या के आरोप में भोपाल सिंह पर मुकदमा चल रहा था। जमानत पर बाहर आने के बाद भोपाल सिंह और उसका परिवार ओमप्रकाश पर मुकदमे में फैसला करने का दबाव डाल रहा था। ऐसा नहीं करने पर वह धमकी दे रहा था। 30 सितंबर 2013 को ओम प्रकाश अचानक लापता हो गए। ओमप्रकाश के पुत्र सुनील ने थाना मंडी में रिपोर्ट लिखाते हुए भोपाल सिंह उसके पिता श्यामलाल और बहनोई अनिल कुमार पर अपहरण का आरोप लगाया। बाद में ओमप्रकाश की लाश नकुड़ रोड पर नहर के किनारे से मिली थी। पुलिस ने विवेचना के उपरांत भोपाल सिंह व उसके बहनोई अनिल कुमार के खिलाफ अपहरण, हत्या और साक्ष्य नष्ट करने की धारा में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता के अनुसार मामले की सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोषी पाते हुए भोपाल सिंह व अनिल कुमार को हत्या में उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये अर्थदंड, अपहरण में दस साल व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड और साक्ष्य नष्ट करने की धारा में तीन साल व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्त जेल में थे।