- रुपये के लेने देन में ग्रामीण की हत्या कर घर में दबा दिया था
- दंपती की निशानदेही पर बरामद हुआ था शव
- नौ साल पहले रामपुर मनिहारान में हुई थी हाकिम अली की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 7 त्रिभुवन नाथ ने रुपये के विवाद में ग्रामीण की हत्या कर शव को घर में गड्ढा खोद कर दबाने का आरोप सिद्ध हो जाने पर दंपती समेत चार लोगों को आजीवन कारावास और 23-23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बिक्रम सिंह ने बताया की ग्राम तुरमतखेड़ी थाना रामपुर निवासी मुनव्वर ने 15 नवंबर 2014 को अपने पिता हाकिम अली की गुमशुदगी की तहरीर पुलिस को दी थी। बताया था कि उसके पिता 8 नवंबर 2014 को रामपुर मनिहारान दवाई लेने गए थे, परंतु लौट कर नहीं आए। एक दिसंबर 2014 को अन्य प्रार्थना पत्र देकर बताया की उसके पिता 8 नवम्बर 2014 को रामपुर मनिहारान दवाई लेने और मोहल्ला काज़ियान निवासी सदरू से मोटरसाइकिल की बकाया रकम सात हज़ार रुपये लेने गए थे, परंतु वापस नहीं लौटे।
एक दिसंबर 2014 को जब मुनव्वर ने अपने साथियों के साथ सदरू से पूछताछ की तो उसकी पत्नी चांदनी ने बताया की हाकिम अली की सदरू, हामिद, अरशद ने सिर पर हथौड़ा मार कर हत्या कर दी हैं और शव को घर के चौक में गड्ढा खोद कर दबा दिया हैं। पुलिस ने हाकिम अली के शव को सदरू के घर से बरामद कर लिया। पुलिस ने सदरू, हामिद, अरशद, चांदनी के खिलाफ मामला दर्ज़ कर चारों के खिलाफ हत्या, सबूत मिनाटा, हत्या का षड्यंत्र रचने की धाराओं में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए अदालत ने सदरू, हामिद, अरशद, चांदनी प्रत्येक को आजीवन कारावास और 23-23 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।