सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या आठ-महेश कुमार ने हत्या में दोषी पाए जाने पर गांव झबीरण थाना सरसावा निवासी संदीप और मेहर चंद को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है
सहायक शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर 2014 को गांव झबीरण निवासी भूपेंद्र को गांव में ही रहने वाले संदीप और मेहरचंद बुलाकर ले गए थे। रात को भूपेंद्र वापस नहीं आया। अगले दिन जब उसकी खोज की गई तो गांव के पास घेर में उसका शव पड़ा हुआ था। चेहरा बिगड़ा हुआ था। घटना की रिपोर्ट भूपेंद्र के चचेरे भाई सुरेश पाल ने थाना सरसावा में दर्ज कराते हुए संदीप और मेहर चंद को आरोपी बनाया था।
पुलिस ने विवेचना उपरांत संदीप और मेहर चंद के खिलाफ हत्या में आरोप पत्र पेश किया था। जिसकी सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष आठ महेश कुमार ने संदीप और मेहरचंद को आजीवन कारावास और 50- 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्त जेल में ही थे।