सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या दो एससी एसटी एक्ट सरला दत्ता ने 11 वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में दोषी पाए गए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 2,04,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। एक गवाह के पक्षद्रोही होने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया कि वर्ष 2011 में देहात कोतवाली क्षेत्र गांव सरकड़ी खुमार निवासी बिल्लू जनरेटर खरीदने के लिए गांव में ही रहने वाले आफताब के पास गया, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। गांव के लोगों ने बिल्लू को आफताब, मुंतजार व रिजवान के साथ गाड़ी में जाते हुए देखा था। बाद में बिल्लू का शव नहर में मिला था। उसके नाखून खींचे हुए थे और शरीर में कई जगहों पर हड्डी टूटी थी। बिल्लू की पत्नी पप्पी ने कोतवाली देहात में आफताब, मुंतजार, रिजवान के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आफताब रिजवान और मुंतजार के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्ष्यों और गवाह के आधार पर दोषी पाते हुए अदालत ने मुंतजार व रिजवान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 204000 रुपये का अर्थदंड लगाया है, जिसकी आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी, जबकि तीसरे आरोपी आफताब का निधन हो चुका है। मुकदमे के दौरान पक्षद्रोही हुए दयाचंद के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।