प्रत्येक हादसों की जांच में ड्राइविंग के प्वाइंट को सॉफ्टवेयर आई-रेड पर करना होगा अपलोड
सॉफ्टवेयर के बारे में जल्द कलक्ट्रेट एनआईसी में दिया जाएगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। खतरनाक ड्राइविंग कर अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होंगे। अब हादसों की जांच में ड्राइविंग के प्वाइंट को भी प्रमुखता से शामिल करना होगा। इन्हें हादसों की निगरानी करने वाले सॉफ्टवेयर आई-रेड पर अपलोड करना होगा।
जनपद में हर माह आठ से दस लोगों की जान सड़क हादसों में जा रही है। अब हादसों की जांच के लिए आई-रेड (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इससे हादसे होने के कारणों के साथ ही उन्हें दूर करने पर भी चिंतन किया जाएगा। इस आधार पर संबंधित विभाग को हादसों के कारणों को दूर कराने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसमें परिवहन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग को शामिल किया गया है।
खास बात यह है कि पुलिस की रिपोर्ट पर परिवहन विभाग चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर देगा। रिपोर्ट में यह स्पष्ट जरूर होगा कि चालक की ड्राइविंग की गलती से हादसा हुआ है। आरटीओ प्रवर्तन राधेश्याम ने बताया कि दूसरों की जान को खतरे में डालने वालों पर कार्रवाई होगी।
सॉफ्टवेयर आई-रेड की ट्रेनिंग दी जाएगी
आई-रेड के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर अजीम सैफी ने बताया कि सॉफ्टवेयर आई-रेड के बारे में जल्द ही स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल ऑफिसर, फार्मेसिस्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर को एनआईसी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पूर्व भी अप्रैल में ट्रेनिंग दी गई थी। प्रशिक्षण देने का मुख्य उद्देश्य सॉफ्टवेयर आई-रेड के बारे में जागरूक करना है।