सहारनपुर। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने के मकसद से जनपद के 77 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में लर्निंग कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए शासन से धनराशि प्राप्त हो चुकी है। प्रत्येक विद्यालय को लर्निंग कॉर्नर के लिए 8,110 रुपये की धनराशि दी जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पूर्व प्राथमिक यानी कक्षा एक से पहले की पढ़ाई के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। पूर्व प्राथमिक शिक्षा आंगनबाडी केंद्रों के माध्यम से दी जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के आपसी समन्वय से तीन से छह वर्ष के बच्चों को शिक्षित करने के लिए काम किया जा रहा है। ऐसे आंगनबाडी केंद्र, जो विद्यालय परिसर में हैं और को-लोकेटेड के रूप में चिह्नित हैं। उनमें लर्निंग कॉर्नर विकसित किए जाने हैं।
सहारनपुर जनपद में 77 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिनमें बनने वाले लर्निंग कॉर्नर के लिए धनराशि विभाग को प्राप्त हो चुकी है। प्रत्येक विद्यालय को 8,110 रुपये जारी किए जाएंगे। इन रुपयों से लर्निंग कॉर्नर विकसित होंगे, जिनमें प्ले स्कूलों की तरह पठन-पाठन सामग्री होगी। जिनके माध्यम से तीन से छह वर्ष के छोटे बच्चे खेल-खेल में अक्षर ज्ञान और गणना आदि करना सीख सकें।
लर्निंग कॉर्नर में बच्चों का सामाजिक एवं संवेदनात्मक विकास, संज्ञानात्मक विकास, शारीरिक विकास एवं सूक्ष्म मांसपेशियों के विकास की गतिविधियां चलाई जाएंगी। लर्निंग कॉर्नर के तहत रीडिंग कॉर्नर, आर्ट कॉर्नर, ब्लॉक कॉर्नर, परफोरमेंस कॉर्नर आदि रहेंगे, जिनमें संबंधित गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
- सहारनपुर के को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए संबंधित प्राथमिक विद्यालयों में लर्निंग कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। 77 विद्यालयों में कॉर्नर विकसित होने हैं, जिनके लिए शासन से धनराशि प्राप्त हो चुकी है। प्रत्येक विद्यालय को 8,110 रुपये जारी होंगे। - वरुण कुमार, जिला समन्वयक।