सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में सुंदरीकरण का काम चल रहा है, लेकिन यहां निर्माण कार्यों में अनदेखी से इंकार नहीं किया जा सकता है। पुरानी टाइल्स को तोड़े बिना ही नई टाइल्स लगाई जा रही है, जिनका लंबे समय तक चलना मुश्किल है। जल्दी काम निपटाने के चक्कर में गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग के जिम्मेदार मौन है।
जिला महिला अस्पताल 110 बेड का है। ओपीडी में दो हजार से अधिक महिलाएं इलाज के लिए आती है। इसके अलावा 24 घंटे में 20 से 30 प्रसव में भी होते हैं, जिनमें सामान्य और ऑपरेशन के शामिल है। अस्पताल में पिछले काफी समय से निर्माण कार्य जारी है। पहले अस्पताल परिसर में टाइल्स लगाने का काम हुआ था। अब काम एसएनसीयू वाली लाइन में नई टाइल्स लगाई जा रही है। काम होने से इस लाइन के वार्ड में भर्ती मरीजों को अन्य वार्डों में स्थानांतरित कर दिया है।
नई बिल्डिंग में जाने के लिए रास्ता खोला गया है, ताकि मरीज व तीमारदारों को असुविधा न हो। पुरानी टाइल्स को तोड़कर नहीं बल्कि उसके ऊपर ही नई टाइल्स को लगाया जा रहा है। पुरानी टाइल्स तोड़कर रोड़ी गिरने से नई टाइल्स की पकड़ मजबूत बन पाती है।
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निर्माण कार्यों की हो चुकी शिकायत
सरकारी अस्पतालों में निर्माण कार्यों की शिकायत शासन में हो चुकी है। नवीन नगर निवासी अशोक कुमार पुंडीर ने निर्माण कार्यों को लेकर एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में डाली हुई है। जिसके बाद एक फर्म के भुगतान पर रोक लगी।
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अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण होता रहता है। सोमवार को भी निरीक्षण किया। जहां पर कुछ कमियां मिली, उन्हें सुधार के लिए कहा गया।
- डॉ. इंद्रा सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल