मनोहरा के प्राथमिक स्कूल के पास है 45 बीघा जमीन
दो साल से नहीं हो सकी ठेका नीलामी
संवाद न्यूज एजेंसी
तीतरों। प्राथमिक विद्यालय की 45 बीघा भूमि ठेका नीलामी की प्रक्रिया के बगैर बंजर में तब्दील होती जा रही है। इसके साथ ही स्कूल को दो साल में लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो चुका है।
तीतरों के ग्राम मनोहरा के ग्राम प्रधान नितिश कुमार ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि उनके गांव के प्राथमिक विद्यालय के नाम 45 बीघा भूमि दर्ज है। विभागीय अनदेखी के चलते उक्त जमीन पिछले दो साल से ठेका नीलामी न होने के कारण लावारिस स्थिति में पड़ी है। इसके चलते ग्रामीणों ने अवैध कब्जा करके डोलबंदी को क्षतिग्रस्त करना शुरू कर दिया है। ग्राम प्रधान का कहना है कि दो साल में दर्जनों प्रार्थनापत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जमीन पर लगे नलकूप के बिजली कनेक्शन का भी बिल विद्यालय द्वारा बिना किसी उपयोग के दिया जा रहा है। गांव मनोहरा के कर्ण सिंह, यशपाल सिंह, ज्ञान सिंह आदि का कहना है कि भूमि नीलामी के बगैर खेती ना होने के चलते बंजर होती जा रही है। प्राथमिक स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका निधि मलिक का कहना है कि वे छह माह पूर्व ही यहां आई है। नीलामी प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी करने पर पूर्व में बीईओ और शिक्षक निलंबित हो चुके हैं। विभाग के द्वारा पांच लोगों की टीम गठित करने पर ही ठेका नीलामी प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है। राजस्व टीम का गठन करने के लिए विभाग को लिखा गया है।