- एसडीआरएफ तथा पीएसी की बाढ़ राहत टीमें कर रहीं तलाश
- लखनऊ से पहुंचे परिजन भी तलाश में जुटे
-देहरादून से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
चिलकाना(सहारनपुर)। यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण टूटी हुई विद्युत लाइन को ठीक कराते समय डूबे जेई प्रमोद कुमार का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया। एसडीआरएफ तथा पीएसी की बाढ़ राहत टीम के साथ परिजन भी घटना स्थल पर पहुंच कर तलाश में जुटे हैं। देहरादून से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है।
बता दें कि बुधवार को आल्हनपुर घाट पर गांव सौंधेबांस तथा गाजदीनपुर की टूटी हुई बिजली की लाइन का सर्वे कराने पहुंचे जेई प्रमोद कुमार पैर फिसलने के बाद यमुना नदी में डूब गए थे। जेई के डूबने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। जनप्रतिनिधियों एवं डीएम ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे दिन जेई की तलाश कराई। देर शाम तक एसडीआरएफ की टीम के जवानों को कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी।
बृहस्पतिवार प्रातः ही लखनऊ से पहुंचे जेई प्रमोद कुमार के परिजन विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जिनमें जेई प्रमोद कुमार के पिता टीकाराम, मौसा बलराम सिंह, भाई राहुल, मनीष, संतोष तथा जेई के घर से आये अन्य परिजनों ने घटना की पूरी जानकारी ली। प्रमोद कुमार के परिजन पूरी तरह से सदमे में हैं। कोई कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। बस उनका कहना है कि घटना को 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुके हैं, लेकिन प्रमोद कुमार नहीं मिला ये अफसोस की बात है।
दोपहर दो बजे पीएसी की बाढ़ राहत टीम यमुना नदी पर पहुंची। प्रमोद कुमार बुधवार को जहां डूबे थे, वहीं से राहत दल की टीम के साथ प्रमोद के छोटे भाई संतोष तथा थानाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार राय रेस्क्यू के लिए यमुना में बोट से उतरे। राहत टीम आल्हनपुर से पंचकुआं होते हुए शाहजहांपुर की तरफ निकल गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
एसडीओ लक्ष्मीकांत बिंद ने बताया कि देहरादून से एक एनडीआरएफ की टीम को बुलाया है। शाहजहांपुर से एक राहत टीम नकुड़ की तरफ तथा दूसरी टीम आल्हनपुर की तरह भेजी गई है। मौके पर बिजली विभाग के मुख्य अभियंता एके आत्रेय, अधीक्षण अभियंता मुनेश चोपड़ा, अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह, राजबीर सिंह, पंकज कुमार, एसडीओ चिलकाना लक्ष्मीकांत बिंद, एसडीओ सरसावा राजकुमार, जेई मनोज गिरी एवं हल्का लेखपाल संजीव कपिल, सुशील प्रधान, अरविंद कुमार, रामकुमार आदि मौजूद रहे।