देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने रविवार को हेल्पलाइन पर रोजेदारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि यूं तो रोजा हर उस खाने की चीज से खोला जा सकता है, जिसकी अल्लाह ने तौफीक (हिम्मत) दी है, लेकिन खजूर से रोजा खोलना सुन्नत है।
सवाल: बिजनौर निवासी हिलाल ने पूछा कि जैसा कि पिछले दिनों आपने बताया कि रोजे की हालत में टूथपेस्ट करना सही नहीं है, लेकिन क्या रोजे की हालत में हम मिस्वाक (दातुन) कर सकते हैं, इससे रोजा तो नहीं टूटेगा?
जवाब: रोजे की हालत में मिस्वाक किया जा सकता है। इससे रोजा नहीं टूटेगा। शरीयत के अनुसार मिस्वाक करने की बड़ी फजीलत है। यदि रोजेदार सुन्नत समझ कर इसे करे तो इसमें और ज्यादा सवाब है।
सवाल: सहारनपुर के कस्बा तीतरों निवासी शाजिया ने पूछा कि उनके पास सोने और चांदी के जेवरात हैं। वह घरेलू महिला हैं। कमाई का जरिया उनके पति हैं। अब शरीयत के मुताबिक ऐसी सूरत में उसकी जकात किस पर फर्ज होगी। उन पर या उनके पति पर?
जवाब: शरीयत के अनुसार यदि किसी महिला के पास हैसियत के बराबर जेवरात या नकद रुपये हों तो उसको जकात अपने पास से अदा करनी चाहिए। पति की जिम्मेदारी में पत्नी के जेवरात की जकात अदा करना जरूरी नहीं है। यदि घरेलू महिला हैं और पैसा नहीं हैं तो जेवरात बेचे, लेकिन जकात जरूर अदा करें। लेकिन पति अगर खुशी से अपनी तरफ से अदा कर देता है तो अदा हो जाएगी।
सवाल: मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी सुहैल ने मालूम किया कि उनके रोजे की हालत में ठोकर लगने के कारण पैर का नाखून उखड़ गया जिससे बहुत खून निकला हैं। क्या ऐसी सूरत में उनका रोजा तो नहीं टूटा?
जवाब: आपका रोजा सलामत है। शरीयत के अनुसार रोजे की हालत में यदि किसी के पैर में नाखून उखड़ने या किसी और कारण खून निकले तो रोजा नहीं टूटेगा। कारी इस्हाक ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर 9897399207, 9557757705, व दूरभाष नंबर 01323553040 पर सवाल पूछे जा सकते हैं।