एसएसपी ने बताया कि विकास के निशानदेही पर पुलिस ने नोट बनाने के उपकरण लैपटॉप, प्रिंटर, पेन ड्राइव, पेंसिल कटर, दस स्टाम्प दस रुपये वाले बरामद किए। एसएसपी ने बताया कि ये लोग लैपटॉप के जरिए दो हजार रुपये का नोट बना कर प्रिंटर से उसका प्रिंट निकालते थे और स्टाम्प और दो सौ रुपये में मौजूद तार को नोट में लगाते थे।
कुतुबशेर थाना पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। इसके निशानदेही पर जाली नोट बनाने के उपकरण बरामद हुए है। जो स्टाम्प पेपर से दो हजार रुपये के जाली नोट बनाते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी का एक साथी दो दिन पहले पकड़ा गया था। गैंग के तीन अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। यह गिरोह आसपास के राज्यों में भी नकली नोट चलाते थे।
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा और एसएसपी सिटी राजेश कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को इस बारे में जानकारी दी। बताया कि 14 सितंबर को मेला गुघाल में कुतुबशेर पुलिस ने मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव ताहरपुर निवासी पोपीन को दो-दो हजार के चार नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पूछताछ के दौरान पता चला कि यह पूरा गैंगं है, जो लैपटॉप, प्रिंटर के जरिए दो हजार के नकली नोट बना कर उन्हे जनपद के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब आदि जगहों पर नकली नोट चलाते है। कुतुबशेर इंस्पेक्टर सुबे सिंह ने अपनी टीम के साथ इस गिरोह के एक और सदस्य विकास निवासी जाटोवाला मिर्जापुर को बृहस्पतिवार रात अंबाला रोड नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया।
एसएसपी ने बताया कि विकास के निशानदेही पर पुलिस ने नोट बनाने के उपकरण लैपटॉप, प्रिंटर, पेन ड्राइव, पेंसिल कटर, दस स्टाम्प दस रुपये वाले बरामद किए। एसएसपी ने बताया कि ये लोग लैपटॉप के जरिए दो हजार रुपये का नोट बना कर प्रिंटर से उसका प्रिंट निकालते थे और स्टाम्प और दो सौ रुपये में मौजूद तार को नोट में लगाते थे। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह में पोपीन व विकास के अलावा पिंटू निवासी जाटोवाला, कबीरदास निवासी शाहजहांपुर सरसावा और पवन निवासी जाटोवाला भी शामिल है।इन तीनों की तलाश की जा रही है। पकड़े गए आरोपी विकास को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।