सहारनपुर। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक के मामले में सहारनपुर जनपद के गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव कुलचंदपुर उर्फ नथौड़ी के मूल निवासी संजीव और राजपाल को भी एसटीएफ उत्तराखंड ने गिरफ्तार किया है। दोनों के पकड़े जाने पर ग्रामीण हैरत में हैं। 12 वीं पास संजीव हरिद्वार के ज्वालापुर में प्राइवेट डॉक्टर की प्रैक्टिस करता है, जबकि राजपाल डेढ़ दशक से देहरादून में रह रहा है।
उत्तराखंड की एसटीएफ टीम नथौड़ी निवासी संजीव कुमार को बुधवार को गांव से ही गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। संजीव की मां मामो ने बताया की संजीव ज्वालापुर में प्राइवेट डाॅक्टर है तथा उसकी पत्नी किसी सरकारी विभाग में नौकरी करती है। संजीव गांव में आता-जाता रहता है। उसकी पत्नी वहीं रहती है। संजीव के तीन बच्चे हैं, जो उसकी पत्नी के साथ रहते हैं। संजीव की माता ने बताया की संजीव घर में सबसे बड़ा है, उसके दो छोटे भाई हैं, जो गांव में ही रहते हैं। संजीव खुद को डॉक्टर बताता है, जबकि वह 12 वीं तक पढ़ा है। उनके तार पेपर लीक गिरोह से कैसे जुड़े हैं, परिजनों को कोई जानकारी नहीं है।
परिजनों का कहना है कि उत्तराखंड की पुलिस गांव में आई थी और उससे पूछताछ करते हुए अपने साथ ले गई है। पुलिस टीम से कई बार पूछा गया तो पुलिस ने बताया की सरकारी पेपर लीक हुआ है और कुछ लोग उनके बेटे का नाम ले रहे है। इसलिए उनके बेटे संजीव को अपने साथ ले जा रहे हैं।
वहीं राजपाल के बारे में जानकारी की गई तो पड़ोसियों ने बताया की राजपाल पंद्रह साल पहले गांव से चला गया था। राजपाल अपने परिवार के साथ देहरादून में रह रहा है। राजपाल की पत्नी भी किसी सरकारी विभाग में नौकरी करती है। पड़ोसियों ने बताया की उसको भी पकड़ने की सूचना गांव में आई है। किस मामले में पकड़ा गया है ये सही जानकारी पड़ोसियों के पास नहीं है। दोनों के पेपर लीक मामले में पकड़े जाने पर ग्रामीण भी हैरत में है।