सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर द्वारा राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें देश भर के बुद्धिजीवियों ने प्रतिभाग करते हुए अपनी बात रखी। चर्चा का विषय था अंतरराष्ट्रीय राजनीति में जी-20 के बाद भारत के बढ़ते कदम। मुख्य वक्ता रहे अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने विस्तार से अपनी बात रखी।
कुलपति प्रो. एचएस सिंह की अध्यक्षकता में हुई वेबिनार में प्रो. एडीएन वाजपेयी ने सबसे पहले मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जी-20 सम्मेलन के बाद इस प्रकार की राष्ट्रीय वेबिनार करने वाला मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय पहला विश्वविद्यालय है। उन्होंने जी-20 के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं दार्शनिक दृष्टिकोण की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के के बारे में विस्तार से बताया। मेरठ के आरजी पीजी कॉलेज की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी ने जी-20 के परिप्रेक्ष्य में भारत के रूस, अमेरीका, चीन, जर्मनी, श्रीलंका एवं पाकिस्तान के साथ-साथ विभिन्न देशों के साथ संबंधों पर विस्तार बात रखी।
कार्यक्रम संचालन समन्वयक प्रो. दिनेश कुमार एवं आयोजक सचिव डॉ. राजीव कौशिक के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर एवं शामली के साथ-साथ उतराखंड एवं बिहार से 100 से अधिक बुद्धिजीवियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की सफलता में डॉ. हरवीर सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. संदीप गुप्ता, नितिन, टीकम, विकास धीमान का सहयोग रहा।
उद्यमियों ने दी मौजूदा जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रम चलाने की सलाह
मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में बुधवार को जनपद के कई उद्यमियों एवं बुद्धिजीवियों को चर्चा के लिए बुलाया गया था। चर्चा कार्यक्रम में उद्यमी रामजी सुनेजा ने वैश्विक जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रमों का संचालन करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि एक समय था जब भूमि के आधार पर देशों की शक्ति आंकी जाती थी। उसके बाद हथियारों के आधार पर देशों का आंकलन शक्तिशाली के रूप में हुआ, लेकिन अब शिक्षा और टेक्नोलॉजी वाले देश शक्तिशाली हैं। जिस देश की शिक्षा व्यवस्था जितनी मजबूत और बेहतर है वह सबसे आगे है। हमें शिक्षा को बेहतर और उपयोगी बनाना होगा। सुधाकर अग्रवाल ने रोजगारपरक शिक्षा की पैरवी की। उनका कहना था कि हमें मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पैटर्न लाना होगा। मांगेराम ने भी कार्यक्रम में अपनी बात रखी।