सहारनपुर। उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह ने किसानों को गन्ने के लाल सड़न रोग से बचाव की जानकारी दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गन्ना सर्वे में कोई भी खेत छुटना नहीं चाहिए।शुक्रवार को सरसावा और नानौता क्षेत्र में गन्ना सर्वे का निरीक्षण करते हुए उन्होंने किसानों से बात की। उन्होंने गन्ने के विभिन्न रोगों और कीटों से से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाल सड़न रोग में गन्ने की पत्ती की मध्य शिरा पर लाल रंग के धब्बे हो जाते हैं और खड़ी फसल में ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीला होना शुरू हो जाती है। रोग के बढ़ने पर गोभ के नीचे की तरफ पत्तियां सूखना शुरू हो जाती है और गन्ने को लंबा फाड़ने पर लाल रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। लाल रंग के धब्बे सूंघने पर सिरके जैसी गंध आती है। इस रोग से बचाव के लिए प्रभावित गन्ने के झुंड को जड़ सहित उखाड़कर खेत से बाहर निकालकर जला दें। उस स्थान पर 20-25 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर का बुरकाव कर दें। इसके अलावा ट्राइकोडर्मा का प्रयोग भी पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।