अमर उजाला एक्सक्लूसिव
जनपद को मिला 3500 करोड़ रुपये का लक्ष्य
वर्ष की शुरूआत में लखनऊ में होगी इन्वेस्टर्स समिट
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आगामी वर्ष की शुरूआत में लखनऊ में होने वाली इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। उद्यमियों ने अभी तक 800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर अनौपचारिक सहमति दी है। इनमें फूड प्रोसेसिंग, वुडन हैंडीक्राफ्ट, बायो गैस प्लांट आदि इकाइयां शामिल हैं। जनपद को 3500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने नई एमएसएमई नीति घोषित की है। जिसमें उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार का प्रोत्साहन देने की योजना है। प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश कराने के लिए लखनऊ में वर्ष 2023 की शुरूआत में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए उद्योग विभाग की कवायद तेज हो गई है। शासन ने जनपद में 3500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया है। उद्योग विभाग की सक्रियता के चलते अब तक 800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर अनौपचारिक सहमति बन गई है। इन प्रस्तावों को अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें फूड प्रोसेसिंग, बायोगैस प्लांट, वुड कार्विंग प्लांट सहित अन्य इकाइयां शामिल हैं।
बोले उद्यमी
फसल अवशेष से बनेगी बायोगैस
फसल अवशेष, गोबर, सब्जियों के कचरा और शुगर मिल की मैली से बायोगैस और जैविक खाद बनाई जाएगी। इससे न सिर्फ प्रदूषण पर अंकुश लगेगा बल्कि मृदा स्वास्थ्य भी उत्तम होगा। इनमें तैयार होने वाली बायो सीएनजी की बॉटलिंग कर वाहनों और रसोई ईंधन के तौर पर प्रयोग होगा। इसके लिए गंगोह विकास खंड के गांव इस्सापुर में 30 करोड़ की लागत से इकाई लगेगी। -अमित राणा, सेवोजोन एनर्जी एंड बायो फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड
दस बीघा में फिल्म स्टूडियो
जनपद में दस बीघा में फिल्म स्टूडियो स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जनता रोड और अंबाला रोड के पिलखनी में जमीन तलाश की जा रही है। स्टूडियो में फिल्म, सीरियल, बेब सीरीज की शूटिंग से लेकर एडिटिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त फिल्म निर्माण के लिए सभी आवश्यक उपकरण और तकनीशियन होंगे। साथ ही ट्रेनिंग इंस्टीटयूट भी चलाया जाएगा।-आलम खान, ग्लोब फेम स्टेडियो
वुड कार्विंग का ओटोमैटिक प्लांट
एमएसएमई की नई नीति के तहत अंबेहटा में 26 बीघा क्षेत्रफल में ओटोमैटिक वुडन हैंडीक्राफ्ट इकाई लगाई जा रही है। इसकी लागत करीब 50 करोड़ रुपये होगी। यूनिट पूरी तरह ओटोमैटिक होगी। इसमें विदेशों से मशीनें मंगाई गई हैं। इनमें उच्च गुणवत्तायुक्त और निर्यात योग्य वुडन हैंडीक्राफ्ट उत्पाद और फर्नीचर आदि तैयार किए जाएंगे।-परविन्दर सिंह, निर्यातक
वर्जन
प्रदेश की एमएसएमई की नई नीति के तहत जनपद में अभी तक 800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर अनौपचारिक सहमति बनी है। इन प्रस्तावों को मूर्त रूप देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनपद को 3500 करोड़ निवेश का लक्ष्य मिला है। इसे पूरा करने के लिए कवायद चल रही है। नई इकाइयों के स्थापित होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।-सिद्धार्थ यादव, उप आयुक्त उद्योग