सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से होने वाली डिलीवरी की व्यवस्था चरमरा गई है। यह समस्या बेहोशी का डॉक्टर नहीं होने से बनी हुई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल से उधार के डॉक्टर बेहोशी का इंजेक्शन लगा रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल 110 बेड का है। यहां प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन की 24 घंटे की सुविधा है। डॉक्टरों की ड्यूटी आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में लगाई जाती है। इस लिहाज से महिला अस्पताल में बेहोशी के कम से कम तीन डॉक्टर होने चाहिए। यहां एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी का डॉक्टर) के पांच पद सर्जित है। जिनमें से एक पद पर ही डॉक्टर की नियुक्ति है। उनकी ड्यूटी भी अमरनाथ यात्रा में लगा दी थी, लेकिन डॉक्टर ने दिक्कत होने के कारण ड्यूटी से मना कर दिया था, जिस पर उच्च अधिकारियों ने उन्हें काम नहीं करने के निर्देश जारी कर दिए। डॉक्टर के नहीं होने से महिला अस्पताल में ऑपरेशन डिलीवरी की सुविधा बेपटरी हो गई। महिला अस्पताल प्रबंधन को कभी एसबीडी जिला अस्पताल से डॉक्टर को बुलाना पड़ रहा तो कभी राजकीय मेडिकल कॉलेज से। महिला जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 15 गर्भवती महिलाओं के प्रसव ऑपरेशन से किए जाते हैं।
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जिला महिला अस्पताल में पहले से ही बेहोशी के डॉक्टरों की कमी चल रही है। एक डॉक्टर थे, लेकिन वह भी छुट्टी पर है। इसलिए हमें एसबीडी जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज से बेहोशी के डॉक्टर को बुलाना पड़ रहा है। तब जाकर गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी ऑपरेशन से करते हैं।
- डॉ. इंद्रा सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल