विधान परिषद चुनाव में भी उन्हें नजर अंदाज किया गया। सपा में कोई तरजीह नहीं मिलने से वह काफी समय से बसपा में जाने की तैयारी में लगे थे। इसी बीच उन्होंने दिल्ली में बसपा सुप्रीमो पूर्व मख्यमंत्री मायावती से भेंट की थी। 10 माह पहले वह बसपा में शामिल हुए थे।
कद्दावर नेता पूर्व विधायक इमरान मसूद बसपा को भाजपा का विकल्प बताते हुऐ, साईकिल की सवारी छोड़कर बसपा के हाथी पर सवार हो गए थे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि सपा में कोई तरजीह नहीं मिली इसी कारण वह काफी समय से बसपा में जाने की तैयारी में लगे हुऐ थे।वहीं पार्टी प्रमुख मायावती ने उन्हें लखनऊ बुलाकर आशीर्वाद दिया और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी।
कभी बसपा को बताया था लुटेरों का गिरोह
पूर्व विधायक इमरान मसूद को बसपा में आने में भी नौ माह ही लग गए। पूर्व विधायक इमरान मसूद ने कांग्रेस में रहते हुए बसपा को पार्टी की बजाय लुटेरों का गिरोह बताया था। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल भी हुआ था, जिसमें वह कह रहे थे कि बसपा को वह पार्टी नहीं मानते, बसपा पैसे लूटने वालों का गिरोह है, जिसमें पैसे लेकर टिकट दिया जाता है। वहीं खुद बसपा का दामन थामने के बाद अपने इस बयान को लेकर इमरान काफी ट्रोल भी हुए थे।
बसपा का दामन थामते ही मिली थी बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी में शामिल होते ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने इमरान के पार्टी में आने पर अपने ट्वीटर एकाउंट पर ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा है कि उप्र खासकर पश्चिमी यूपी की राजनीति में इमरान मसूद एक जाना पहचाना नाम हैं। वह अपने सहयोगियों के साथ सपा छोड़ कर बीएसपी में शामिल हो गए हैं, जिनका तहेदिल से स्वागत है, साथ ही मायावती ने इमरान को पश्चिमी यूपी बीएसपी का संयोजक बना कर पार्टी को हर स्तर पर मजबूत बनाने और खासकर अकलीयत समाज को पार्टी से जोड़ने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी थी।
कांग्रेस से वाया सपा होते हुए बसपा का दामन थामने वाले इमरान मसूद को बसपा ने बाय-बाय बोल दिया है। बसपा ने इमरान को अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाले जाने की बात कही है। अब सियासी गलियारे में चर्चा है कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
इमरान ने कहा कि वह जहां भी रहते हैं उस पार्टी की भलाई की बात करते हैं। किसी को बुरा लगे तो इसमें उनका कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने लोगों से बातचीत करेंगे सभी की राय होगी तो राहुल गांधी के नेतृत्व में देश से संविधान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए काम करेंगे।