सहारनपुर। जनपद में 15 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी महिला या पुरुष निरक्षर नहीं रहेगा। निरक्षरों को चिह्नित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अभियान शुरू किया है।
चिह्नांकन का कार्य पूर्ण होने के बाद कक्षाएं चलाकर निरक्षरों को साक्षर बनाया जाएगा। उन्हें इस स्तर पर साक्षर किया जाएगा कि उन्हें अक्षर ज्ञान हो जाए और वह पढ़ना और लिखना सीख सकें। उनको चिह्नित करने के लिए एनपीआरसी स्तर पर एक शिक्षक को नोडल बनाया गया है।
एनपीआरसी में कितने निरक्षक चिह्नित किए गए हैं इसकी रिपोर्ट नोडल एनपीआरसी के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रधान अध्यापक अपने सहायकों से रिपोर्ट लेंगे।
निरक्षरों को चिह्नित करते हुए एनआईएलपी एप पर दर्ज किया जा रहा है। जब चिह्नांकन का कार्य पूर्ण हो जाएगा तो उसके बाद निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए कक्षाएं चलाई जाएंगी। जिनके माध्यम से निरक्षरों को साक्षर बनाया जाएगा।
ऐप में कैसे अपलोड करें ब्योरा
विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह निरक्षरों को चिह्नित करते हुए उनका ब्योरा एनआईएलपी एप पर अपलोड करें, लेकिन इसके लिए कोई प्रशिक्षण शिक्षकों को नहीं दिया गया है। इसी वजह से अनेक शिक्षक एप पर ब्योरा अपलोड नहीं कर पा रहे हैं। जबकि कुछ शिक्षक एक दूसरे से सीखकर ब्योरा अपलोड कर रहे हैं।
पूर्व में चलाया जा चुका है पढ़ना लिखना अभियान
पूर्व के वर्षों में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए पढ़ना लिखना अभियान चलाया जा चुका है। इसमें भी निरक्षरों को इसी तरह चिह्नित कर विशेष कक्षाएं संचालित की गई थी। वर्ष 2021 में प्रदेश में 4.20 लाख निरक्षर चिह्नित कर उन्हें साक्षर बनाया गया था। इनमें से जनपद में करीब 2400 लोग निरक्षर मिले थे।
15 वर्ष से अधिक आयु के महिला और पुरुष निरक्षरों को अभियान चलाकर चिह्नित किया जा रहा है। चिह्नांकन का कार्य पूर्ण होने के बाद विशेष कक्षाएं चलाकर निरक्षरों को साक्षर किया जाएगा। साक्षर करने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। - अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी