नकुड़ (सहारनपुर)। अमर उजाला के अनूठे अभियान ‘अपराजिता’ के तहत केएलजीएम इंटर कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के टिप्स दिए गए। प्रशिक्षकों ने बताया कि दुश्मन के कब्जे में आने पर कैसे अपने हाथ और बाल आदि उसकी पकड़ से छुड़ा पलटवार कर सबक सिखाया जा सकता है। वक्ताओं ने कहा कि नारी अगर ठान ले तो वह अबला नहीं, दुर्गा का रूप है। वह सृजन कर सकती है तो दुष्टों का संहार भी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नकुड़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद वशिष्ठ ने कहा कि असामाजिक तत्वों से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि साहस दिखाते हुए डटकर मुकाबला करें। ऐसा करने पर सामने वाले का दुस्साहस टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय तैयार है, लेकिन बेटियों को खुद भी साहसी बनना होगा। उन्होंने छात्राओं से सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान से मित्रता न करने व पर्सनल जानकारी शेयर न करने की बात कही।
महिला कांस्टेबल राधा व राखी भाटी ने छात्राओं को महिला हेल्प लाइन 1090, 181, 1076, साइबर क्राइम 1930 व 112 के बारे में बताते हुए जरूरत पड़ने पर नि:संकोच इस्तेमाल करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक सुभाष गुप्ता ने किया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य सहेंद्र पाल, अध्यापक कुलदीप सिंह, अरुण शर्मा, विजेंद्र शर्मा, मनोज धनगर, सलीम, अध्यापिका पूनम सिंघल, तारा देवी, काजल व दीपा आदि रहे।
कमजोर हिस्से पर करें वार
शिविर में प्रशिक्षक गांव साल्हापुर निवासी रिटायर्ड सैनिक नरेंद्र सिंह व उनकी बेटियों नंदनी व अंजली ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के टिप्स दिए। बताया कि राह चलते कोई हाथ या बाल पकड़ ले तो उस परिस्थिति का सामना करते हुए कैसे बचाव करना है। बाकायदा इसका डेमो देकर उन्हें हर बारीकी को समझाया गया। उन्होंने बताया कि सेल्फ डिफेंस की सबसे खास तकनीक यही है कि आप सामने वाले के कमजोर हिस्से पर वार करें। चेहरे में नाक पर, एड़ी से पैर के अंगूठे पर वार कर हमलावर को कमजोर किया जा सकता है।
छात्राओं के सवालों का जवाब दिया
छात्रा निक्की और प्रिंसी का सवाल था कि स्कूल जाते वक्त कोई पीछा करे तो क्या करें। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में हिम्मत न हारें। राह चलते लोगों को उसकी करतूत बता कर उनसे मदद ले सकती हैं। मोबाइल लेकर पुलिस को सूचना दें।
-छात्रा शिखा और किरन ने पूछा कि फोन पर कोई बार-बार काल करे तो किससे मदद लें। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिजनों को बताएं। यदि परिजनों से भी मामला न संभले तो पुलिस में शिकायत करें। छात्रा तूलिका ने पूछा कि साइबर ठगी होने पर कहां शिकायत करें। कोतवाल ने बताया कि साइबर थाने पर रिपोर्ट कराई जा सकती है।