सहारनपुर। कृषि यंत्रीकरण की योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कृषि विभाग ने यंत्रों का भुगतान संबंधित किसान के बैंक खाते से करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने वाले किसान को अनुदान से वंचित किया जाएगा।
कृषि विभाग सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन और कृषि यंत्रीकरण सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान देता है। कृषि यंत्रों में हैरो, टीलर से लेकर खेती में काम आने वाले अन्य यंत्र शामिल हैं। इन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने एक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार 13 फरवरी के बाद कृषि यंत्रीकरण की सभी योजनाओं के तहत मिलने वाले कृषि रक्षा उपकरणों, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक से संबंधित कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए किसान को अपने ही बैंक खाते से फर्म को पूरा भुगतान करना होगा। धनराशि का भुगतान आरटीजीएस, नेफ्ट और चैक के माध्यम से किया जाना चाहिए। किसान को अनुदान लेने के लिए इनसे संबंधित प्रपत्र कृषि विभाग में जमा करने होंगे। ऐसा नहीं करने वाले किसानों को कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान से वंचित कर दिया जाएगा। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉक्टर राकेश कुमार ने हाल ही में कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत जनपद के करीब 100 किसानों ने कृषि यंत्र लेने के लिए आवेदन किया है। अब शासन ने अनुदान पर कृषि यंत्र लेने वाले किसानों के लिए अपने खाते से ही संबंधित फर्म को शतप्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने वाले किसानों इन योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान से वंचित रहना पडेगा।