सहारनपुर। जनपद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर भ्रमण कर टीबी मरीजों की खोज कर रही है। अगर किसी काॅलोनी में एक भी मरीज टीबी का मिलता है तो उस काॅलोनी में खांसी से पीड़ित सभी व्यक्तियों की टीबी की जांच कराई जाएगी।
2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। 20 से 23 फरवरी तक कारागार, अनाथलय, वृद्घाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण ग्रह में टीबी मरीजों की तलाश की गई। जिला कारागर, मदरसा में टीबी के मरीज मिले थे। 24 फरवरी से पांच मार्च तक स्वास्थ्य कर्मी, आशा, एएनएम, एनजीओ की टीमें घर-घर जाकर भ्रमण कर रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 तक टीबी के सफाए को लेकर निर्देश मिले हैं। कहा कि जनपद में टीबी रोगियों की लगातार पड़ताल कर जांच की जा रही है। अगर किसी काॅलोनी में एक भी मरीज टीबी का मिलता है तो उस काॅलोनी में खांसी के रोगियों की टीबी जांच हो रही है, जिससे जनपद टीबी रोग से मुक्त हो सके।
मरीजों को मिलते हैं 500 रुपये
टीबी रोग के खात्मे को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई योजनाएं संचालित हो रही। मरीजों को निशुल्क दवाओं के साथ खाने पीने के लिए 500 रुपये दिए जा रहे हैं। इससे टीबी रोगियों की सेहत दुरुस्त रहे। जनपद में करीब 5700 टीबी मरीज हैं।