गांव आल्हनपुर में रजबाहे की टूटी पटरी से बहता पानी।
चिलकाना। टांडा रायपुर से आने वाले रजबाहे की पटरी टूट जाने से गांव आल्हनपुर, मंझार तथा पंचकुआ के किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न हो गई। खेतों में खड़ी फसलों में पानी भरने से गेहूं, गन्ना तथा हरे चारे की फसलें खराब हो गई।
थाना बेहट के गांव टांडा से एक रजबहे सलेमपुर होते हुए गांव आल्हनपुर तक आ रहा है। रविवार की रात रजबहे की एक पटरी गांव आल्हनपुर के पास से टूट गई। रजबहे की पटरी टूटने से उसमें बह रहा पानी किसानों के खेतों में भर गया। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों, हरा चारा तथा गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई। खेतों में असमय पानी भर जाने से सबसे ज्यादा हरे चारे की फसलों को नुकसान हुआ है। हरे चारे के अभाव में किसानों को अपने पशुओं के लिए अन्य स्थानों से हरे चारे की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव आल्हनपुर के पास रजबहे की एक तरफ की पटरी में सीमेंट का पाइप लगा हुआ है। यह पटरी कई साल पहले भी टूट गई थी। उस समय सिंचाई विभाग तथा ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर पाइप वाले स्थान को ठीक कर दिया था। सही ढंग से मरम्मत नहीं होने के कारण रजबहे की पटरी कमजोर हो गई थी तथा पानी का दबाव बढ़ने से रजबाहे की पटरी पुन: टूट गई।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को रजबहे की पटरी टूटने की सूचना दी। जिस पर सिंचाई विभाग ने रजबहे में चलने वाले पानी को तो बंद करा दिया, लेकिन पटरी ठीक करने की व्यवस्था नहीं की है। गांव पंचकुआ के ओम कुमार, राम कुमार, उस्मान गांव आल्हनपुर के विक्रम, महावीर, सीटपाल, साधु राम, राकेश कुमार मंझार के अरशद, तसव्वर, अरविंद आदि किसानों की फसलें जलमग्न हैं। खादर क्षेत्र होने के कारण खेतों में भरा पानी काफी समय तक नहीं सूख पाएगा, जिससे फसलें नष्ट होने की आशंका है। किसानों ने जिला प्रशासन से रजबहे की सही ढंग से मरम्मत कराने तथा किसानों की खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। सिंचाई विभाग के एसडीओ राकेश त्यागी ने बताया कि रजबहे की पटरी टूटने की सूचना मिलने पर पानी को बंद करा दिया गया है तथा जल्दी ही पटरी को भी ठीक करा दिया जाएगा।