पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्वागत करते मो मुजतबा
छुटमलपुर (सहारनपुर)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हरीश रावत ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट की जांच उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या फिर संयुक्त संसदीय समिति से कराई जानी चाहिए।
देहरादून से रुड़की जाते हुए अपने नजदीकी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय महासचिव मुजतबा मलिक एडवोकेट द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में हरीश रावत ने कहा कि एलआईसी, एसबीआई सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के जबरदस्त निवेश पर संसद में चर्चा की जानी चाहिए, साथ ही सरकार निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं के एक के बाद एक पेपर आउट होने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह बेरोजगारों के साथ छलावा है। कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी मुजतबा मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार तत्काल 10-15 साल पुराने वाहनों पर लगे प्रतिबंध को हटाने का काम करे। इस मामले से आम आदमी सीधा प्रभावित होगा। इससे पहले यहां पहुंचने पर पूर्व सीएम का अब्दुल हसीब, मनोज चौधरी, प्रधान फरमान मलिक, प्रधान नासिर अली, पदम सिंह चौधरी, राव यूसुफ, अरविंद कांबोज, असलम खेड़ी, परवेज मलिक, अफजल मलिक, महबूब तलहेडी, धर्मेंद्र चौधरी, अरशद मलिक, मोईन मलिक, परवेज अंसारी, सुखदेव चौहान, राव अनवार, इस्लाम मलिक आदि ने स्वागत किया।