सहारनपुर। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले सीजेएम के आदेश को निरस्त करते हुए श्यामवी स्टील्स फैक्टरी के मालिक पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने बकाया चार करोड़ का लोन न चुकाने पर श्यामवी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड हरौड़ा को कई साल पहले जब्त कर लिया था। गत 30 सितंबर 2021 को श्यामवी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड हरौड़ा के मालिक संजय तोमर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से स्टील फैक्टरी लगाने के लिए 1.76 करोड़ रुपये का लोन लिया था। किंतु परिस्थिति वश न चुकाने के कारण यूनियन बैंक ने फैक्टरी अपने कब्जे में ले ली। बैंक के कब्जे के दौरान ही फैक्टरी में करीब तीन करोड़ की चोरी हो गई थी। फैक्टरी मालिक ने थाना फतेहपुर में रिपोर्ट दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यूनियन बैंक के सहायक प्रबंधक, फील्ड मैनेजर, चीफ मैनेजर और ब्रांच मैनेजर के खिलाफ थाना फतेहपुर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे।
बैंक के अधिवक्ता निशांत त्यागी ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ बैंक के अधिकारियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रथम सूचना रिपोर्ट रद्द करने की मांग की। जिस पर विचार के उपरांत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त करते हुए एफआईआर को निरस्त करने और फैक्टरी के मालिक संजय तोमर पर 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाने के आदेश दिए हैं।