ये लगेंगे औषधीय पौधे
हर्बल गार्डन में बालों के लिए दोचुन्टी, घृतकुमारी, भृंगराज, गुडहल, मेंहदी, पेट के लिए विधारा, दंती, शादाब, अग्निमंथा, निशोथ, मस्तिष्क के लिए शंखपुष्पी, मंडूकपर्णी, ब्राह्मी, ज्योतिष्मति, मलकागनी और सौंदर्य प्रसाधन के लिए काम आने वाले जिरेनीयम, सिट्रोनेला और नीबू घास के पौधे लगाए जाएंगे। त्वचा रोग के उपचार के लिए काम आने वाले कत्था, अपामर्ग, घृतकुमारी, गुल बबुना एवं बाबची, सिर, आंख, नाक, कान एवं गले के रोगों लिए गंगा तुलसी, दारू हल्दी, कटसरइया, द्रोण पुष्पी एवं बबूल, श्वसन तंत्र के लिए मुलेठी, षालपर्णी, कुलंजन, गुल बकावली एवं अंतमूल, विशिष्ट रोगों के लिए कुंदरू, गुड़मार और हृदय संबंधी रोगों के लिए अशोक, पीली कनेर, तातरा, बानहेनदा, अदपुष्पी, रुद्राक्ष के पौधे लगाए जाएंगे। यकृत की बीमारियों के उपचार में काम आने वाले लुरहुर, कंदरू, भूम्यालकी, पुनर्नवा, एवं कालमेघ और मूत्र संबंधी रोगों के लिए पाकरमूल, रीठा, गोरखगांजा, पत्थर चूर, गोखरू के पौधों को रोपा जाएगा।
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जल्द तैयार हो जाएगा हर्बल गार्डन
कंपनी बाग परिसर में बनाए जाने वाले हर्बल गार्डन के लिए बजट की स्वीकृति मिल गई है। भूमि का चयन भी हो गया है। गार्डन बनाने की तैयारी हो चुकी है। जल्द ही इसे तैयार कर दिया जाएगा।
- सुरेश कुमार, कार्यवाहक संयुक्त निदेशक औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र