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अपराजिता: क्यों कहें नारी को अबला-बेचारी, छात्रओं ने मन की टीस, समस्याओं और भावनाओं को रंगोली में उकेरा

Thu, 17 Nov 2022 01:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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अपराजिता अभियान के तहत बनाई गई रंगोली - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर जनपद के गंगोह में अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत बुधवार को पूरणमल रामलाल डिग्री कॉलेज में नारी सशक्तिकरण विषय पर रंगोली प्रतियोगिता और जागरुकता गोष्ठी आयोजित की गई। छात्राओं ने अपने मन की टीस, समस्याओं और भावनाओं को रंगोली के माध्यम से धरा पर उकेरा। एसडीएम और सीओ ने बेटियों को अपने अधिकारों के प्रति हमेशा सजग रहने, साहस से हर परिस्थिति का सामना करने और अन्य को भी जागरूक करने की शपथ दिलाई।
 
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अपराजिता अभियान के तहत बनाई गई रंगोली - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम रम्या आर, सीओ चंद्रपाल शर्मा और कॉलेज प्राचार्य डॉ. पवन बंसल ने ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया। एसडीएम आईएएस रम्या आर. ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान हर नारी का अधिकार है। बेटियों और महिलाओं के प्रति समाज की सोच बदली है, लेकिन अभी और बदलाव की जरूरत है। घर में बेटियों को सम्मान मिलेगा तभी समाज में उनकी स्थिति बदलेगी। इस बदलाव में सामाजिक संगठनों को भी अहम भूमिका निभानी होगी।
 
 
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अपराजिता अभियान के तहत बनाई गई रंगोली - फोटो : अमर उजाला
अपनी बात कहने में संकोच न करें
सीओ चंद्रपाल शर्मा ने कहा कि छात्राएं अपनी बात कहने में संकोच न करें। अपना ध्यान पूरी तरह पढ़ाई पर केंद्रित रखे। छात्राओं को सशक्त होने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि अस्वस्थ और कमजोर मन से किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता।

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अपराजिता अभियान के तहत रंगोली - फोटो : अमर उजाला
अन्याय न सहें, उत्पीड़न के खिलाफ उठाएं आवाज
एंटी रामियो स्कवाड प्रभारी एसआई वर्षा तोमर ने कहा कि अन्याय न सहें। उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं। जरूरत पड़ने पर 1090 पर कॉल कर सूचना दें। उन्होंने बाल विवाह से होने वाले नुकसानों की भी जानकारी दी।
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अपराजिता अभियान के तहत रंगोली विजेता - फोटो : अमर उजाला
... क्यों कहें नारी को अबला बेचारी
प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्रा कशिश और सृष्टि ने जब नारी में है शक्ति सारी तो फिर क्यों कहें नारी को अबला बेचारी थीम पर रंगोली बनाई। द्वितीय पुरस्कार पाने वाली छात्रा वीनस प्रजापति एवं दिव्या ने महिला सामाजिक आजादी का प्रतीक है विषय पर, तृतीय पुरस्कार पाने वाली छात्राओं सेजल और खुशबू ने पुरुष और महिला एक समान, जन जन का है अब यही आह्वान, चतुर्थ स्थान प्राप्त छात्राओं शफक एवं खुशी ने महिलाओं को ना समझों बेकार, जीवन का है ये आधार, जबकि पांचवां स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा आंचल एवं अंजली ने अपने कर्तव्यों संग नारी भर रही है अब उड़ान, ना कोई शिकायत ना कोई थकान, यही है नारी की पहचान विषय पर सुंदर रंगोलियां बनाई। अतिथियों द्वारा विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. पवन बंसल ने आभार जताया। संचालन डॉ. नितिका रानी ने किया।
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