सहारनपुर। मौसम में बदलाव के बाद स्वाइन फ्लू की आशंका बढ़ गई है। प्रदेश के कई जिलों में स्वाइन फ्लू के मरीज मिल चुके हैं। जनपद में अभी कोई केस नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीन की 200 डोज मिली है। यह सिर्फ ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई जाएगी, जो फ्रंटलाइन पर काम करते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि जनपद में कहीं पर भी अभी तक कोई स्वाइन फ्लू का केस सामने नहीं आया है। इसके बावजूद कर्मचारियों को इससे बचाए रखने के लिए वैक्सीन जरूरी है। स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के एनफ्लुएंजा वायरस (एच-1 एन-1) द्वारा फैलता है। प्रभावित व्यक्ति में सामान्य मौसमी सर्दी, खांसी व जुकाम जैसे ही लक्षण होते हैं, जिनमें नाक से पानी बहना या नाक बंद हो जाना, गले में खराश, बुखार होना, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेट दर्द, कभी-कभी दस्त व उल्टी आना शामिल है। अगर किसी को अपने शरीर में यह लक्षण दिखाई दे तो तुरंत उपचार करवाएं। मरीजों के लिए टैमी फ्लू दवाइयां जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं।
जुकाम व बुखार पीड़ितों से बनाए दूरी
बच्चों, गर्भवती व बुजुर्गों के लिए समय पर उपचार नहीं होने से यह घातक हो जाता है। ऐसे में यदि इस तरह के लक्षण महसूस हो तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। एच-वन एन-वन की जांच कराएं। जुकाम व बुखार से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाएं। यदि कोई संक्रमित हो तो उसे परिवार से अलग रखें। चिकित्सक के बताए अनुुसार उसका समुचित उपचार व देखभाल करें।
अभी नहीं बनाया स्वाइन फ्लू वार्ड
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में अभी तक वार्ड को रिजर्व नहीं किया गया है। अगर कोई मरीज आए तो उसे भर्ती करने के लिए वार्ड खाली नहीं है। आनन-फानन में ही वार्ड को तैयार करना पड़ेगा।