- मेरठ हादसे के बाद भी नहीं लिया जा रहा सबक
- अनदेखी पड़ सकती है भारी, देहात तो क्या शहर में भी लटक रहे तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पिछले दिनों मेरठ में बिजली के लटकते तारों से बड़ा हादसा हुआ था। इनमें छह कांवड़ियों की मौत हुई थी, जबकि कई कांवड़िये झुलस गए थे। ऐसा हादसा यहां जनपद में भी हो सकता है। नानौता में कांवड़ यात्रा के दौरान लटकते तारों से बड़ी कांवड़ के टच होने से चार कांवड़िये झुलस गए थे। इसके बाद भी विद्युत निगम ने कोई सबक नहीं लिया। शहर से लेकर देहात में बिजली के तार झूल रहे हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं। यह अनदेखी किसी दिन भारी पड़ सकती है।
इस बार कांवड़ यात्रा मार्गों पर बिजली के खंभों पर प्लास्टिक शीट के साथ ही रिफ्लेक्टर लगाए गए। जिससे कांवड़ियों के साथ कोई भी दुर्घटना न हो। लटकते तारों को भी दुरुस्त करा दिया जाए तो व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। क्योंकि, यहां देहात तो क्या शहर में भी बिजली के तार लटक रहे हैं।
ऐसे में इन लटकते तारों से हादसा होने का खतरा है। यदि विद्युत निगम के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान दें तो हादसा होने से बचाया जा सकता है। शहर की बात करें तो यहां दिल्ली रोड, रायवाला, कचहरी तिराहा, जेवी जैन डिग्री कॉलेज रोड पर बिजली के तार लटक रहे हैं।
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बागों में पांच से छह फीट की ऊंचाई पर तार
नागल के गांव मीरपुर मोहनपुर के मोहल्ला तेलीपुरा में आबादी के बीच से 11 हजार लाइन गुजर रही है, जो काफी नीचे लटकी है। इस लाइन के तार जर्जर हैं, जो आए दिन टूटते रहते हैं। साढ़ौली कदीम में गांव नुनयारी से जोधेबांस जाने वाली एचटी लाइन के तार आम के बागों में पांच से छह फीट की ऊंचाई पर लटके हुए हैं। बड़गांव में मौरा रजबहे वाले रास्ते पर बिजली तार नीचे लटके हैं। दल्हेड़ी गांव में भी आबादी के पास बिजली तार झूल रहे हैं।
एचटी लाइन की चपेट में आकर झुलस गए थे चार कांवड़िये
गत 11 जुलाई को नानौता में दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर डीजे पर डांस कर चार कांवड़िये झुलस गए थे, जबकि कई कांवड़िये करंट लगने से नीचे गिर गए थे। तभी विद्युत निगम कर्मचारियों ने हाईवे क्रॉस कर रही लाइन को हटवा दिया था।
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वर्जन
केंद्र सरकार की रिवैंप योजना के तहत मंडल में काफी काम होने हैं। उनमें जर्जर बिजली लाइनों के तार बदले जाने हैं। उनकी जगह नए तार लगाने काम चल रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति दी जा सके, साथ ही हादसों पर अंकुश लगे।
- एके आत्रेय, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम