संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। इसको लेकर जनपद के व्यापारियों को खासी उम्मीदें हैं। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में अब तक करीब 1200 संशोधन हो चुके हैं। इसे तर्कसंगत बनाए बिना व्यापार नहीं बढे़गा। साथ ही आयकर में छूट की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करना चाहिए।
पेट्रोल एवं डीजल का मूल्य 20 प्रतिशत कम किया जाए
बजट में आयकर में छूट की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये का प्रावधान होना चाहिए। पेट्रोल एवं डीजल का मूल्य 20 प्रतिशत कम किया जाए। जीएसटी में पांच करोड़ तक की टर्नओवर वाले व्यापारियों को 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलनी चाहिए। - शीतल टंडन, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल।
व्यापारिक ऋण पर ब्याज दरें कम हों
व्यापार के लिए मिलने वाले ऋण पर ब्याज दरें कम हों। जीएसटी को तर्कसंगत बनाते हुए इसकी दरों को कम किया जाए। जीएसटी में संशोधित रिटर्न जमा करने का प्रावधान भी हो। लगातार बढ़ रही महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान हो। - विमल विरमानी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल।
पेट्रोल एवं डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाएं
बजट में व्यापारियों के लिए किसानों की तर्ज पर चार प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण का प्रावधान किया जाए। साथ ही केसीसी की तरह व्यापारियों का भी व्यापारी कार्ड बनाया जाए। पेट्रोल एवं डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए। व्यापारी लंबे समय से सिंगल एंट्री टैक्स कर रहे हैं। - रोहित घई, जिलाध्यक्ष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल।
व्यापार को बढ़ाने के लिए प्रावधान हो
बजट व्यापारियों के अनुकूल हो। इसमें व्यापार को बढ़ाने के लिए प्रावधान होने चाहिए। जीएसटी की दरों में कमी लाई जाए। महंगाई को कम करने के लिए ठोस बजटीय उपाय किए जाएं। जिससे आम आदमी को राहत मिले। आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ने से ही व्यापार भी बढे़गा। - नरेश धीमान, जिलाध्यक्ष व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान।