सहारनपुर। जनपद में अलग-अलग विभागों के सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ने लायक नहीं हैं। संभागीय परिवहन विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई विभागों के 291 सरकारी वाहनों की फिटनेस खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद भी यह वाहन चल रहे हैं। विभाग गंभीर नहीं हैं। ऐसे में इन वाहनों से हादसा हो सकता है। हालांकि एआरटीओ ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
शासन ने पिछले दिनों बिना फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र के चल रहे वाहनों का रिकॉर्ड संभागीय परिवहन विभाग से मांगा था। इसमें जनपद में 702 शासकीय वाहन पाए गए थे। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने निर्देश दिए थे कि विभागों में लगे सरकारी वाहनों का फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा लें। असर यह हुआ कि 702 में से विभागों ने 411 सरकारी वाहनों का फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा लिया, लेकिन, अभी भी 291 सरकारी वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस तक नहीं हुई और सड़कों पर दौड़ भी रहे हैं। वहीं सात सीटर से अधिक के वाहनों को हर साल और उससे कम के वाहनों को 15 साल में फिटनेस कराना आवश्यक है, लेकिन, विभाग अपने यहां के लगे सरकारी वाहनों की फिटनेस कराने के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। इसके पीछे कारण यह भी है कि इन वाहनों पर भारत और उत्तर प्रदेश सरकार लिखा होता है। इसमें अधिकारी बैठे होते हैं, जिससे यातायात विभाग हो या फिर संभागीय परिवहन विभाग इनको चेक नहीं करते हैं। यहां तक की पुलिस की डायल 112 की 11 गाडियां और 39 बाइक भी बिना फिटनेस के दौड़ रही हैं।
-- इन विभागों के सरकारी वाहन
पुलिस, स्वास्थ्य, वाणिज्य कर विभाग, वन विभाग, विकास भवन, लोक निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आदि शामिल हैं।
-- सरकारी एंबुलेंस भी बिना फिटनेस संचालित
स्वास्थ्य विभाग की सरकारी एंबुलेंस भी बिना फिटनेस के संचालित हो रही हैं। बिना फिटनेस के एंबुलेंस में हमेशा खतरा बना रहता है, लेकिन, विभाग ने इन सरकारी एंबुलेंस की फिटनेस अभी तक नहीं कराई है।
--ऐसी अभी जानकारी नहीं है, यदि डॉयल 112 या अन्य गाड़ियों का फिटनेस नहीं हुआ है तो पुलिस लाइन के एमटी को इन वाहनों का फिटनेस कराने के लिए कहा जाएगा।
-- डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
-जिन विभागों ने अपने यहां के सरकारी वाहनों का फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। 291 सरकारी वाहनों की फिटनेस खत्म हो चुकी है। उनके यहां 702 सरकारी वाहन रजिस्टर्ड हैं, उनमें से 411 वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र बना है।
- महेंद्र बाबू गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन