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Saharanpur News: बालिकाओं का कराया मेडिकल, आरोपियों के बयान दर्ज

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बाल गृह (बालिका) प्रकरण
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- पुलिस ने पूर्व अधीक्षिका और पूर्व प्रबंधक को पूछताछ के बाद छोड़ा, बयान दर्ज
-बालिका की ओर से एसडीएम को दिए गए पत्र को भी जांच में शामिल किया
- जिलाधिकारी ने बाल गृह (बालिका) में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के दिए निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनता रोड पर चकहरेटी स्थित बाल गृह (बालिका) प्रकरण में पुलिस ने 12 बालिकाओं का मेडिकल कराया है। इसके साथ ही हिरासत में लिए पूर्व प्रबंधक और पूर्व अधीक्षिका को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। इन दोनों के अलावा 12 बालिकाओं के बयान दर्ज कर जांच में शामिल कर लिया गया है। वहीं, जिलाधिकारी ने बाल गृह (बालिका) फैली अव्यवस्थाओं को दूर कराया है, जो खामियां रह गई है, उनको खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले की जांच सीओ बेहट रूचि गुप्ता और महिला थाना प्रभारी मोनिका चौहान के साथ महिला पुलिसकर्मियों की टीम जांच कर रही है। रविवार की रात पुलिस ने पूछताछ के लिए पूर्व प्रबंधक वीपी सिंह और पूर्व अधीक्षिका पिंकी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इन दोनों के अलावा बालिकाओं के बयान दर्ज कर जांच में शामिल किया गया है। इसके साथ ही बालिकाओं का मेडिकल भी कराया है। क्योंकि, बालिकाओं ने मारपीट, नाजुक अंगों पर मिर्च लगाने और छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। इसका वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। एक बालिका ने अपने हाथों से लिखा पत्र भी एसडीएम कृति राज को सौंपा था, जिसमें उसने अपना दर्द बयां किया था। इस पत्र को भी जांच में शामिल किया गया है।
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टपकती छत ठीक कराने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र ने बाल गृह (बालिका) में फैली अव्यवस्था जैसे गंदगी, खराब खाना, अच्छे बिस्तर न होने, टीवी खराब होने सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरूस्त कराया है। बाल गृह (बालिका) की बरसात में छत भी टपकती है। इसको ठीक कराने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं।



यह था मामला, चार के खिलाफ दर्ज है रिपोर्ट, विभागीय जांच भी शुरू
बृहस्पतिवार को बालिकाओं ने बाल गृह (बालिका) अव्यवस्थाओं के खिलाफ धरना दिया और प्रबंधक पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने मामले की जांच कराई, लेकिन तब बताया गया कि छेड़खानी के आरोप को छोड़कर अन्य सभी आरोप सही पाए गए। इससे साफ है कि मामला दबाने की कोशिश की गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने थाना जनकपुरी में अव्यवस्थाओं, मारपीट और गाली-गलौज व भ्रष्टाचार अधिनियम के आरोप में प्रबंधक वीपी सिंह, अधीक्षिका पिंकी, हाऊस कीपर रवि व रसोइया मूर्ति देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ की इनकी संविदा समाप्त कर बर्खास्त कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि जिलाधिकारी ने एक अधिकारी की विभागीय जांच भी शुरू करा दी है।

वर्जन:-
मामले की जांच चल रही है। एक-एक बालिका के बयान दर्ज किए गए हैं। बाल गृह (बालिका) में फैली अव्यवस्थाओं को दूर कराया जा रहा है। अव्यवस्था की वजह से भी बालिकाएं नाराज हैं।-डाॅ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी
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वर्जन:-
सीओ स्तर से जांच चल रही है। पूर्व अधीक्षिका और प्रबंधक से पूछताछ करने के साथ ही इनके बयान दर्ज किए गए। बयान के बाद फिलहाल दोनों को छोड़ दिया गया है। बालिकाओं के बयान दर्ज कर जांच में शामिल किया गया है। बालिकाओं का मेडिकल भी कराया गया है, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डाॅ. विपिन ताडा, एसएसपी
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