मेडिकल कालेज में अल्ट्रासाउंड के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रोगी
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सहारनपुर। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज का नाम और दर्जा काफी बड़ा है, लेकिन सुविधाएं कम। यहां अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। तीन में से केवल एक मशीन से अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं, जबकि दो मशीनें काफी दिनों से खराब पड़ी हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सहारनपुर में पिलखनी स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की जांच की सुविधा उपलब्ध है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भीड़ मेडिकल कॉलेज में रहती है। ओपीडी में दिखाने आने वाले मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 20 दिन आगे का समय दिया जा रहा है। जो मरीज शनिवार को पहुंचे उन्हें दीपावली बाद बुलाया गया है। क्योंकि यहां महानगर और देहात क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। प्रतिदिन 40 से 50 अल्ट्रासाउंड होते हैं। जो मरीज इमरजेंसी से आते हैं, उनके अल्ट्रासाउंड तत्काल किए जा रहे हैं।
-अल्ट्रासाउंड के लिए निर्धारित है फीस। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए शुल्क निर्धारित है। अल्ट्रासाउंड के लिए काउंटर से करीब 141 रुपये की पर्चा बनता है। उसके बाद ही अल्ट्रासाउंड होते हैं। यहां भी मरीजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड की दो मशीन पड़ी हैं खराब। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड करने की दो मशीनें खराब पड़ी है। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि इन मशीनों को सही करने के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया। लेकिन मशीनें अभी तक सही नहीं हो पाई हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड की एक मशीन चल रही है, जबकि दो खराब हैं। एक मशीन से प्रतिदिन औसतन 40 से 50 अल्ट्रासाउंड होते हैं। केवल एक चिकित्सक उपलब्ध है वह भी सीनियर रेजीडेंट है। प्रोफेसर रेडियोलॉजी नहीं आ रहे हैं। खराब अल्ट्रासाउंड की मशीनों को सही कराने के लिए कंपनी को पत्र लिखा चुका है।
- डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज