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Saharanpur News: कूड़ा निस्तारण बड़ी समस्या, हर जगह लगे कूड़े के ढेर

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सहारनपुर। निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। चुनावी सरगर्मी के बीच फिर दावे और घोषणाएं होंगी, लेकिन स्थाननीय निकायों से निकलने वाले कूड़े निस्तारण की समस्या का समाधान नहीं होता। पिछले पांच साल में कहीं कूड़े से खाद बनाने की घोषणाएं की गई तो कहीं खाद बनाने की, धरातल पर कोई भी योजना कामयाब नहीं हो पाई।
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जिले में सहारनपुर शहर नगर निगम है। इसके अलावा गंगोह, देवबंद, सरसावा और नकुड़ नगर पालिका हैं। तीतरो, चिलकाना, बेहट, छुटमलपुर, रामपुर मनिहारान और नानौता नगर पंचायत हैं। नगर निगम में शामिल शहर से सटे 32 गांव में कूड़े के ढेर लगे नजर आते हैं।

नगर निगम की बात करें तो क्षेत्र से रोजाना 320 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। निगम ने बेहट रोड पर गांव माहेश्वरी के पास कूड़ा निस्तारण केंद्र (डपिंग ग्राउंड) बनाने को तीन वर्ष पूर्व भूमि ली थी, लेकिन यहां पर अभी तक कूड़ा निस्तारण केंद्र नहीं बन पाया है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कुम्हारहेड़ा में कूड़े को डंप किया जा रहा है। शहर में पुल खुमरान, खलासी लाइन में छोटी लाइन के पास और खाताखेड़ी व चिलकाना रोड पर कई जगह कूड़े ढेर नजर आते हैं।
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हकीकतनगर निवासी विरेंद्र बहल का कहना है कि स्वच्छता को लेकर पहले के मुकाबले काफी सुधार हुआ है, लेकिन लेकिन कूड़ा निस्तारण के लिए ठोस योजना बननी चाहिए।

नकुड़ में निकलता है 120 क्विंटल कूड़ा

नकुड़ में 120 क्विंटल कूड़ा रोजाना निकलता है। कस्बे में रोजाना सफाई कर्मचारी कूड़ा एकत्र करते हैं, लेकिन कुछ जगहों पर लापरवाही देखने को मिलती है। कई जगहों पर कूड़ा पड़ा हुआ देखा जाता सकता है। नगर पालिका ने कस्बे से बाहर कूड़ा डंपिंग ग्राउंड बनाया है। यहां पर भी कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।

नगर पंचायत बनने के बाद बदली स्थिति

छुटमलपुर नगर पंचायत क्षेत्र से प्रतिदिन डेढ़ टन कूड़ा निकलता है। इसे नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों द्वारा म्हाड़ी रोड पर डंपिंग ग्राउंड में ले जा कर निस्तारित करते हैं। दो साल पहले तक जरुर यहां रुड़की रोड पर कूडे़ के ढेर लगे रहते थे, लेकिन नगर पंचायत बनने के बाद स्थिति बदली है।

अंबेहटा में डंप किया जा रहा है कूड़ा

अंबेहटा में रोजाना तीन ट्राली कूड़ा निकलता है। सफाई कर्मचारी कूड़े को निर्धारित स्थानों पर डाल देते हैं। ट्राली में डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा जाता है। मगर, कुछ जगहों पर कूड़े को छोड़ भी देते हैं, जिससे दुर्गंध उठती रहती है। सड़क किनारे भी कूड़ा पड़ा रहता है।

निस्तारण की नहीं बनी कोई ठोस योजना

रामपुर मनिहारान में रोजाना करीब 100 क्विंटल कूड़ा निकलता है। सफाई कर्मचारी कूड़े को देवबंद रोड स्थित नगर पंचायत के नगर पंचायत डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचाते हैं। कुछ जगहों पर कूड़े ढेर दिखते हैं। कस्बे के व्यापारी सचिन सैनी का कहना कि पहले से सुधार हुआ है, लेकिन कूड़ा निस्तारण को ठोस योजना बननी चाहिए।

कूड़ा निकलता 30 टन, निस्तारण 22 का होता

गंगोह नगर पालिका क्षेत्र में 30 टन कूड़ा निकलता है। गांव खानपुर में लगाए प्लांट में लगभग 22 टन कूड़े का निस्तारण होता है, जिससे खाद भी तैयार की जाती है। बाकी कूड़ा बच जाता है। उसका भी निस्तारण हो तो क्षेत्र पूरी तरह स्वच्छ बने। गंगोह निवासी डा. अमित गर्ग कहना है कि सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है, लेकिन अभी और सुधार की जरूरत है। चुनावी दावों के अनुरूप कार्य हो तो सूरत ही बदल जाए।

दावों के अनुरूप नहीं होता कार्य

सुल्तानपुर चिलकाना नगर पंचायत 10 ट्राली कूड़ा निकलता है, जिसे डंपिंग ग्राउंड में पहुंचाया जाता है। यहां के निवासी बालकृष्ण शर्मा का कहना है कि सफाई को लेकर चुनाव में प्रत्याशी बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद दावों के अनुरूप कार्य नहीं होता है। यही स्थिति नानौता नगर पंचायत की भी है। रोजाना छह टन कूड़ा निकलता है, जिसे डंपिंग ग्राउंड में पहुंचाया जाता है, जहां कूड़े की छटाई की जाती है, लेकिन कुछ जगहों लोग भी लापरवाही बरतते हैं और कर्मचारी भी मनमानी करते हैं। सफाई होने के बाद कूड़ा सड़कों पर डाल दिया जाता है।
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