सहारनपुर। गंगोह की दो नाबालिग बहनों की फोटो से छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने के मामले में कोतवाली गंगोह पुलिस को कार्रवाई न करना महंगा पड़ गया है। मामले की जांच कर रहे दरोगा ने लड़कियों के मोबाइल फोन में साक्ष्य रूप में सेव किए फोटो को ही डिलीट करा दिया है। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कस्बा इंचार्ज उपनिरीक्षक अनिल कुमार को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मामले में लापरवाही बरतने पर कोतवाली गंगोह इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
गंगोह निवासी एक महिला ने चार युवकों पर आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी। महिला ने बताया था कि चार युवक उसकी नाबालिग पुत्री को स्कूल आते-जाते परेशान करते थे। इसको लेकर पंचायत भी हुई थी, तब आरोपियों के परिवार वालों ने माफी मांग ली थी और मामला निपट गया था। इसके बाद भी आरोपी उनकी पुत्री को परेशान करते हुए अश्लील हरकतें भी करते थे। इस वजह से उन्होंने दूसरे मोहल्ले में किराए पर मकान ले लिया।
कुछ समय पूर्व उनके पुत्र ने परिवार के कुछ फोटो इंस्टग्राम पर डाले थे। इसके बाद आरोपियों ने इंस्टाग्राम से उसकी पुत्रियों के फोटो उठा लिए और उनके साथ छेड़छाड़ करते हुए दो फर्जी इंस्टाग्राम एकाउंट बनाकर उस पर अपलोड कर दिया। इसकी शिकायत आरोपियों के परिवार से की गई, लेकिन उन्होंने भी जान से मारने की धमकी दी। इसको लेकर उनकी काफी बदनामी हुई।
मामले में कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी गई, जिसकी जांच कस्बा इंचार्ज दरोगा अनिल कुमार कर रहे थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बुधवार की रात दरोगा एक सिपाही के साथ उनके घर आए और पुत्री का मोबाइल फोन लेकर साक्ष्य के लिए सेव किए सभी फोटो डिलीट कर दिए। आरोप है कि दरोगा ने आरोपियों का पक्ष लिया। इसकी शिकायत लड़कियों की मां ने एसएसपी से की। इसके बाद एसएसपी ने दरोगा अनिल कुमार को निलंबित और इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले में लापरवाही बरतने पर उपनिरीक्षक और इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।