सहारनपुर। सेवानिवृत्त हुए सरकारी कर्मचारियों को पेंशन मिलने की प्रक्रिया में शासन ने बदलाव किया है। इसके तहत पेंशन निकालने वाले परिवार के सदस्य की जिम्मेदारी तय होगी। किसी पेंशन धारक की मृत्यु के बाद अगर पेंशन निकाली गई तो विभाग भू-राजस्व की तरह वसूली करेगा और दस प्रतिशत जुर्माना भी लगाएगा।
दरअसल, पेंशन धारकों के लिए शासन ने नई गाइड लाइन जारी कर दी है। बुजुर्ग हो चुके पेंशन धारक परिवार के सदस्य को पेंशन निकालने के लिए विभाग में पत्र देकर नामित करते हैं। परिवार का सदस्य पेंशन धारक के हस्ताक्षर हुए चेक के जरिए रुपये निकालते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग एटीएम के जरिए भी पेंशन निकाल लेते हैं। नए बदलाव में तय हुआ कि पेंशन धारक की मृत्यु के बाद तत्काल प्रभाव से कोषागार विभाग को अवगत कराने के साथ मृत्यु प्रमाणपत्र देना होगा। अगर किसी ने ऐसा नहीं किया और मृत्यु के बाद भी पेंशन निकाली तो भू-राजस्व की तरह कोषागार विभाग वसूली करेगा और दस प्रतिशत जुर्माना भी लगाएगा।
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देना होगा ब्योरा, केस भी होगा दर्ज
पेंशन निकालने वाले व्यक्ति को कोषागार विभाग में अपना आधार कार्ड, नाम, पता, मोबाइल फोन नंबर, घर का पता दर्ज कराना होगा। सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद पेंशन निकाली तो केस भी दर्ज होगा।
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पेंशन धारक की मृत्यु के बाद भी पेंशन निकाली गई तो भू-राजस्व की तरह वसूली होगी और दस प्रतिशत जुर्माना भी लगेगा। इसके तहत परिवार के सदस्य की जिम्मेदारी भी तय होगी।
सूरज कुमार, मुख्य कोषाधिकारी, सहारनपुर