सहारनपुर। किसानों को अब गेहूं का उन्नतशील बीज पाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिले के पांच कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) गेहूं की उन्नतशील प्रजातियों का 1250 क्विंटल बीज का उत्पादन करेंगे। इस बीज को प्रोसेस कर एवं उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम से सर्टिफाइड कराने के बाद ही उसकी बिक्री किसानों को की जाएगी।
जनपद के पांच कृषक उत्पादक संगठन गेहूं का उन्नतशील बीजों का उत्पादन करेंगे। इन एफपीओ ने सदस्य किसानों के खेत में शोध संस्थानों द्वारा निकाली गई गेहूं की उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई करा रखी है। गेहूं के बीज को कृषि वैज्ञानिकों की निगरानी में तैयार कराया जा रहा है। विभिन्न शोध संस्थानों द्वारा निकाली जाने वाली गेहूं की उन्नतशील प्रजातियों के बीजों के आम किसानों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। बाजार में कम मात्रा में पहुंचने के चलते किसानों को बीज काफी महंगे भाव में खरीदना पड़ता है। एफपीओ द्वारा उत्पादन करने से किसानों को स्थानीय स्तर पर ही सस्ता और उच्चगुणवत्ता वाला गेहूं की बीज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
गेहूं की पीबीडब्लू- 187, डीबीडब्लू - 222 और के- 1317 प्रजातियों की बुवाई एफपीओ के सदस्य किसानों के यहां 50 एकड़ क्षेत्रफल में करा रखी है। बीज उत्पादन के लिए उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम की गाइड लाइन का अनुसरण किया जा रहा है। निगम से सर्टिफाइड कराने के बाद ही गेहूं बीज को बेचा जाएगा। - प्रदीप कुमार, एनाग्राम कृषक उत्पादक संगठन
गेहूं की डीबीडब्लू -303 और एचडी-2967 प्रजातियों के बीज का उत्पादन किया जाएगा। करीब 18 एकड़ में इनकी बुवाई एफपीओ के सदस्यों कर रखी है। प्रोसेसिंग और सर्टिफिकेशन के बाद ही गेहूं के बीज की बिक्री होगी। - मदनलाल सैनी, न्यू बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी
पांच कृषक उत्पादक संगठन गेहूं की उन्नतशील प्रजातियों के बीज का उत्पादन करेंगे। इसके लिए उन्होंने सदस्य किसानों के यहां बुवाई करा रखी है। जिले में 1250 क्विंटल गेहूं के उन्नतशील बीज का उत्पादन करने का लक्ष्य है। डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।