सहारनपुर। प्रदेश सरकार ने गेहूं क्रय नीति जारी कर दी है। इसके तहत कृषक उत्पादक संगठन और मंडी के लाइसेंस धारक भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद सकेंगे। किसानों को 100 क्विंटल तक की बिक्री के लिए अपने किसी भी दस्तावेज का सत्यापन नहीं कराना पड़ेगा।
जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 88 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन पर आवक शुरू हो गई है। दो क्रय केंद्रों पर अब तक 150 क्विंटल से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। इस बार प्रदेश सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। हालांकि मंडी में इस समय न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक भाव पर गेहूं बिक रहा है। शुक्रवार को सहारनपुर मंडी में गेहूं का भाव 2127 से लेकर 2140 रुपये प्रति क्विंटल रहा। गेहूं की आवक भी 300 क्विंटल से अधिक रही है।
किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद का दायरा बढ़ा दिया है। अब सरकारी क्रय केंद्रों के साथ ही कृषक उत्पादक संगठन और मंडी के लाइसेंस धारक भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें मंडी परिषद से संबद्घ होना होगा। गेहूं खरीद करने वाले एफपीओ और मंडी के लाइसेंस धारकों की आर्थिक स्थिति और शाख अच्छी होनी चाहिए। जिला खाद्य विपणन विभाग ने इसके लिए संबंधित से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
भारत सरकार ने दी मानकों में छूट
जिला खाद्य विपणन अधिकारी आरपी पटेल ने बताया कि बेमौसम बरसात के चलते गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए भारत सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद के मानकों में छूट दी है। इसमें क्षतिग्रस्त दानों की सीमा चार से बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दी है। गेहूं के सिकुड़े दानों की मात्रा छह से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। चमक में 10 फीसदी तक कमी होने पर भी बिना किसी मूल्य कटौती के गेहूं खरीद होगी।
दो से ढ़ाई क्विंटल हो रहा औसत उत्पादन
जनपद में अभी तक क्रॉप कटिंग नहीं हुई है। इसके चलते गेहूं उत्पादन के औसत उत्पादन स्पष्ट नहीं है। किसानों के अनुसार इस बार दो से ढाई क्विंटल प्रति बीघा गेहूं निकल रहा है। गांव औरंगाबाद के किसान राजवीर कांबोज ने बताया किउनके यहां ढाई क्विंटल और उनके पड़ोसी के यहां दो क्विंटल प्रति बीघा उपज हुई है। संभालकी गुर्जर के सुशील यादव के यहां सवा दो क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन हुआ है। रसूलपुर निवासी योगेंद्र सिंह की फसल गिर गई थी, उनके यहां दो क्विंटल प्रति बीघा का औसत आया है। गेहूं की उत्पादकता में गत वर्ष की तुलना में कुछ कमी आई है। जनपद में गत वर्ष गेहूं का औसत उत्पादन 42 से 43 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहा था।
पंजीकरण में तेजी लाएं किसान
अब एफपीओ और मंडी के लाइसेंस धारक भी सरकारी क्रय केंद्रों की तर्ज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद कर सकेंगे। इसके लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है। गेहूं खरीदने पर उन्हें कमीशन दिया जाएगा। सिर्फ पंजीकृत किसानों से ही गेहूं खरीद होगी। जनपद में अभी तक 936 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। किसान पंजीकरण और नवीनीकरण करा लें।
- आरपी पटेल जिला खाद्य विपणन अधिकारी