बेहट(सहारनपुर)। गारमेंट्स व्यापारी पवन कुमार वितराना के आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट से एटीएम का इस्तेमाल कर 17.68 लाख रुपये निकालने के मामले में बेहट पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक और आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पांच लाख रुपये, फर्जी आधार कार्ड, एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि दिसंबर 2022 में बेहट कस्बे के गारमेंट्स व्यापारी पवन कुमार वितराना के आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट से एटीएम का इस्तेमाल कर 17.68 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। पीड़ित व्यापारी ने इसका पता चलने पर 27 दिसंबर को बेहट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। बेहट पुलिस ने घटना में शामिल विक्की पुत्र मैनपाल निवासी गांव खानपुर थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार (उत्तराखंड), अपेंद्र कुमार सहगल उर्फ उपेंद्र कुमार सहगल पुत्र पाल सिंह निवासी गोविंद विहार थाना जनकपुरी सहारनपुर, रीनू कुमार उर्फ सोनू पुत्र हुक्मचंद गांव मेघछप्पर थाना कुतुबशेर जनपद सहारनपुर व विकास कुमार पुत्र वीर सिंह निवासी गांव जानखेड़ा थाना रामपुर मनिहारान जनपद सहारनपुर को शनिवार को जनता रोड पर गांव लढ़ौरा के पास बंद पड़े ईंट भट्ठे से गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 5.05 लाख रुपये, दो फर्जी आधार कार्ड फोटो कॉपी, एक एटीएम कार्ड, यूपी कॉप से की गई एफआईआर की कॉपी, स्कूटी व बाइक बरामद की गई है।
उन्होंने बताया, कि घटना की जांच में पता चला कि बैंक अकाउंट से एटीएम का इस्तेमाल कर ट्रांजेक्शन करने में एक गैंग काम कर रहा है। इस गैंग में आईसीआईसीआई बैंक की क्रेडिट कार्ड डिविजन में काम करने वाला विकास नाम का युवक भी शामिल है। वह अपने साथियों को ऐसे मोबाइल नंबरों की सूचना देता था, जो काफी समय से बंद हैं और यूज नहीं किए जा रहे हैं। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड बनाकर बंद पड़े इन नंबरों को एक्टिवेट कराकर उसी मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करके उसी बैंक अकाउंट का एटीएम कार्ड जारी कराया जाता था। आरोपी रीनू व अपेंद्र इसके मास्टर माइंड है, जो भगवानपुर में जनसेवा केंद्र चलाते हैं। उन्होंने अपने जन सेवा केंद्र पर फर्जी आधार कार्ड बनाकर, उनका यूज करके सिम लिया। उसके बाद एटीएम जारी कराया गया ओटीपी अपने पते पर लिया।