सहारनपुर। दुष्कर्म के मामले में पूर्व एमएलसी महमूद अली और उनके तीन भतीजे अपर मुख्य न्यायाधीश तृतीय/ विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट प्रियंका वर्मा की अदालत में पेश हुए। सुनवाई के बाद अदालत 18 जुलाई की तारीख दी है।
मंगलवार को महमूद अली को चित्रकूट जेल से कड़ी सुरक्षा में लाया गया। इसके बाद महमूद अली, सहारनपुर जिला कारागार से महमूद अली के भतीजे और पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के बेटे अफजाल, अलीशान, जावेद को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायाधीश तृतीय/ विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट प्रियंका वर्मा ने 18 जुलाई सुनवाई की तारीख दी है। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने पैरवी कर रहे हैं। बता दें, कि 2022 में इनके खिलाफ थाना मिर्जापुर में यमुनानगर एक महिला ने दुष्कर्म रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि यह लोग उसकी जमीन कब्जाना चाहते हैं। एक दिन बात करने को उन्हें बुलाया था। इसके बाद सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
साजिश के तहत फंसाया, न्याय पालिका पर भरोसा
अदालत में पेश होने से पहले पुलिस कस्टडी के दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में महमूद अली ने मीडिया से भी बात की। कहा कि मुझे और परिवार को साजिश के तहत फंसाया गया है। झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। इसलिए सुप्रीम कोर्ट से सात मुकदमों में राहत भी मिली है। न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। मुझे और मेरे परिवार को इंसाफ जरूर मिलेगा। उधर, हाजी इकबाल की पत्नी फरीदा बेगम ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। इसमें बताया कि तहसील बेहट के ग्राम रसूली में अवैध खनन पट्टों से सरकार को करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही है। इसकी जांच ईडी या एसआईटी से कराई जाए।