बिजनौर, नकुड़। लोकसभा चुनाव को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री डाॅ. धर्मसिंह सैनी ने अभी तक अपने पत्ते नही खोले हैं। उनकी चुप्पी से उनके समर्थक उहापोह की स्थिति में है। डाॅ. धर्मसिंह सैनी जल्द ही समर्थकों के साथ बैठक कर बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
जिले में लोकसभा चुनाव का मतदान 19 अप्रैल को है। ऐसे में चार बार के विधायक रहे डाॅ. धर्मसिंह सैनी अभी शांत बैठे हैं। उनकी इस चुप्पी से उनके समर्थक किसी पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। लोकसभा के टिकट को लेकर भी समर्थकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं, लेकिन सभी पार्टियों द्वारा प्रत्याशियों की घोषित लिस्ट में डाॅ. धर्मसिंह का नाम ना होने से उनके समर्थकों के चेहरों पर मायूसी साफ झलकती देखी गई।
डाॅ. धर्मसिंह सैनी सरसावा व नकुड़ से चार बार विधायक रहे हैं, लेकिन वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा को छोड़ सपा का दामन थाम लिया था। वह भाजपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी से मामूली वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। इसके बाद डाॅ. धर्मसिंह सैनी के पुन: भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चली, लेकिन यह चर्चाओं तक ही सीमित रहें। डाॅ. धर्मसिंह सिंह सैनी लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के होने वाले मतदान से पहले किसी पार्टी का दामन थामेंगे या ऐसे ही किसी पार्टी को अपना समर्थन देंगे, यह अभी भविष्य के गर्भ में है। उधर, पूर्व मंत्री डाॅ. धर्मसिंह सैनी ने बताया कि दो-चार दिन में ही समर्थकों के साथ बैठक करेंगे और सभी की सहमति से निर्णय लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।