सहारनपुर। रेलवे स्टेशन के पास हुए ट्रेन हादसे में दो कर्मचारियों पर गाज गिर गई है। अंबाला मंडल के डीआरएम ने दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस के लोको पायलट और प्वाइंट मैन की लापरवाही मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। ट्रैक बदलने वाले कांटे को चेक नहीं किया गया। इस मामले में अभी कइयों की गर्दन फंस सकती है। मंडल स्तर से ट्रेन हादसे की जांच जारी है।
रविवार को रेलवे स्टेशन पर शारदा नगर पुल के पास शटिंग करते समय 01619 दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस का एक कोच बेपटरी हो गया था। कोच के आठ पहिये पटरी से उतरे तो अधिकारियों में खलबली मच गई थी। अधिकारी दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) को लेकर मौके पर पहुंचे थे। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पहिये पटरी पर लाए जा सके। ट्रेन हादसे का पता लगते ही अंबाला मंडल के डीआरएम मनदीप सिंह भाटिया ने टीम बनाकर तुरंत जांच बैठा दी थी। जांच में ट्रेन के लोको पायलट शुभम जायसवाल और प्वाइंट मैन अभय की लापरवाही सामने आई। इन्होंने ट्रेन को शटिंग करते समय ट्रैक के कांटे को चेक नहीं किया गया। बिना चेक किए ही ट्रेन को शटिंग किया। जिसकी वजह से ट्रेन के पहिये बेपटरी हुए थे। यहीं नहीं घटनास्थल पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी नहीं था। नॉन इलेक्ट्रॉनिक कांटे से ही काम चलाया जा रहा है। जिसके बाद डीआरएम ने दोनों कर्मचारियों की लापरवाही पर निलंबित किया है। अभी जांच चल रही है। जांच के दायरे में यार्ड मास्टर व एक प्वाइंट मैन है। इन पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
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ट्रेन हादसे की अब तक हुई जांच में प्रथम दृष्टया लोको पायलट व प्वाइंट मैन की लापरवाही सामने आई है। इन्होंने कांटे को चेक नहीं किया गया। दोनों कर्मचारियों को निलंबित किया है। इनके अलावा अन्य कर्मचारियों की भी जांच चल रही है। जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- मनदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला