फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: शाकंभरी में पैदल यात्रा मेला आज से, तैयारियां पूरी

Tue, 10 Sep 2024 02:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
शाकंभरी। सिद्धपीठ शाकंभरी में मंगलवार से शुरू होने वाले पैदल यात्रा मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मेला भाद्र शुक्ल पक्ष की सप्तमी 10 सितंबर से शुरू होकर 18 सितंबर पूर्णिमा तक चलेगा। मेले में उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा सहित पश्चिमी यूपी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते गाते सिद्धपीठ पहुंचते हैं।
विज्ञापन


शिवालिक घाटी में प्रतिष्ठापित आदिशक्ति माता शाकंभरी के गर्भगृह में भगवान श्री गणेश के साथ माता शाकंभरी, भीमा देवी, भ्राभरी देवी तथा शताक्षी देवी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर के पूर्व बाबा भूरा देव (भगवान भैरव) का मंदिर है। माता के दरबार से लगभग एक किमी पहले बाबा भैरवनाथ का मंदिर स्थित है। मान्यता है कि माता के दर्शन करने से पूर्व माता के सेनापति कहे जाने वाले बाबा भैरव के दर्शन किए जाते हैं। तभी इस सिद्धपीठ की यात्रा पूर्ण मानी जाती है। पैदल यात्रा को सुचारु एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए तीन इंस्पेक्टर, 21 महिला कांस्टेबल, 50 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल, 21 उपनिरीक्षक, एक प्लाटून पीएसी रहेगी।

-

पैदल यात्रा का है पौराणिक महत्व
मंदिर व्यवस्थापक राणा आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि मां के दरबार में पैदल यात्रा करके आने की मान्यता काफी पुरानी है। श्रद्धालु मां को झंडा अर्पण करते हैं। शंकराचार्य आश्रम प्रभारी एवं संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भैरव तंत्राचार्य संत सहजानंद जी महाराज ने बताया कि भगवान के दर्शन करने के लिए पैदल यात्रा की महिमा अनादिकाल से चली आ रही है। शास्त्रों में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि जब श्री रामचंद्र जी वनवास में जंगल में वास कर रहे थे तब भरत जी पैदल यात्रा करके अयोध्या से चित्रकूट पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें