गंगोह सीएचसी में नेत्र मरीज का परीक्षण करते चिकित्सक
सहारनपुर। आई फ्लू का प्रकोप तेजी के साथ बढ़ रहा है। शहर से लेकर देहात तक लोग आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। जिले की करीब 41 लाख की आबादी पर तीन ही नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। तीनों विशेषज्ञों की एसबीडी जिला अस्पताल में तैनाती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में आई फ्लू के मरीजों को अन्य रोग के विशेषज्ञ देख रहे हैं। बुधवार को स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की गई तो आई फ्लू से पीड़ित मरीजों का इलाज सामान्य चिकित्सक ही करते मिले। हालांकि 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑप्टोमेट्रिस्ट तैनात हैं।
300 से अधिक मरीज आई फ्लू के आ रहे
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार त्यागी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना करीब 500 ओपीडी होती है, इनमें 300 से अधिक मरीज केवल आई फ्लू के आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। आई फ्लू के मरीजों को अन्य चिकित्सक ही उपचार कर दवाई दे रहे हैं। इसके अलावा सीएचसी रणखंडी, पीएचसी जड़ौदा जट, पीएससी फुलास अकबरपुर के अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर भी आई फ्लू के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। दवाइयां भरपूर हैं।
छात्र-छात्राएं आ रहे आई फ्लू की चपेट में
नागल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. नितिन कुमार ने बताया की केंद्र पर करीब 65 मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर छात्र-छात्राएं हैं। हालांकि उनके केंद्र पर नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं नेत्र परीक्षण अधिकारी नहीं हैं। वह स्वयं एवं अन्य चिकित्सकों के साथ मरीजों को देख रहे हैं। आई फ्लू ज्यादा गंभीर रोग नहीं है। मरीज थोड़ी सावधानी रखें तो जल्द ही रोग ठीक हो जाता है।
मरीजों को दिया जा रहा है आई ड्रॉप
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि सीएचसी पर प्रतिदिन 80 से 90 मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ का कोई पद स्वीकृत नहीं है। इसलिए आई फ्लू के मरीजों को आई ड्रॉप देकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकें। ऐसे में मरीजों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
सीएचसी पर नहीं हैं नेत्र रोग विशेषज्ञ
रामपुर मनिहारान। सीएचसी में रोजाना आई फ्लू के 150 मरीज पहुंच रहे हैं। सीएचसी में नेत्र रोग चिकित्सक नहीं हैं। नेत्र परीक्षण अधिकारी ही इस बीमारी से जुड़े मरीजों की जांच कर दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजीत राठी का कहना है कि नेत्र चिकित्सक सीएचसी में नहीं हैं। इस बीमारी से जुड़े लोग काले चश्मे का प्रयोग करें।
आज तक नेत्र सर्जन की नहीं हुई तैनाती
गंगोह सीएचसी में नेत्र सर्जन की आज तक तैनाती नहीं की गई है। सीएचसी प्रभारी डाॅ. रोहित वालिया ने बताया कि फिलहाल सीएचसी में कार्यरत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम में से ही डिप्लोमा धारक नेत्र परीक्षण कर रहा है। इसके अलावा वह एवं एक अन्य एमबीबीएस चिकित्सक भी नेत्र राेगियों का परीक्षण कर दवा दे देते हैं। रोजाना से 15 से 20 आई फ्लू के मरीज पहुंच रहे।
मौसम बदल रहा है है, जिस वजह से आंखों का संक्रमण है। आई फ्लू कम है। संक्रमण दो से तीन में ठीक हो जा रहा है। चिकित्सकों की कमी पहले से ही बनी हुई है। फिर भी हम स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। -डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी