-जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच में पाए गए दोषी
नागल। बलियाखेड़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत मडकी में कराए गए विकास कार्यों में धांधली को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर डीएम दिनेश चंद्र ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए पंचायत सदस्यों की तीन सदस्सीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि गत वर्ष ग्रामीण सेठ पाल, राजकुमार, सचिन, नाथीराम, मुनेश आदि ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया था कि ग्राम प्रधान ऋषिपाल द्वारा गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली की गई है। ग्राम निधि के धन का दुरुपयोग करते हुए विकास कार्य धरातल पर ना होकर केवल कागजों में दर्शाए जा रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की थी। टीम ने गांव के पंचायत घर पर पहुंच कर ग्राम प्रधान पर लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट में प्रधान पर लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने ग्राम प्रधान से उनका स्पष्टीकरण मांगा था। ग्राम प्रधान द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से डीएम संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी। साथ ही पंचायत के कार्यों के संपादन के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों की तीन सदस्सीय समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।