सीओ सदर रुचि गुप्ता ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि आवेश का छोटा भाई शोएब (17) लापता होने वाले दिन उसके साथ देखा गया था। मंगलवार को जब शोएब को थाने बुलाकर पूछताछ की गई तो उसने मानसिक तनाव में अपने भाई को रुड़की के पास कलियर शरीफ ले जाकर गंग नहर में धक्का देने की बात बताई। इस पर पुलिस टीम उसे लेकर आवेश को तलाश करने के लिए रुड़की पहुंची।
सीओ ने बताया कि इसी दौरान शोएब पुलिस को चकमा देकर गंगनहर में कूद गया। पुलिसकर्मियों ने गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कराई लेकिन कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद उसके परिजनों को हादसे की सूचना दी गई।
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ परिजन थाने पहुंचे और घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि पुलिस ने उनके बेटे को मार दिया है। हंगामे की सूचना पर बसपा नेता इमरान मसूद भी थाने पहुंचे। उन्होंने किसी तरह ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत किया।
थाने के बाहर मौजूद भीड़
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एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि दोनों भाइयों की तलाश के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। सीओ सदर रूचि गुप्ता ने दोनों युवकों की नहर में खोज के लिए चार टीमों का गठन किया है।
इन टीमों में एसओ चिलकाना सत्येंद्र राय, एसओ फतेहपुर प्रमोद कुमार, प्रभारी निरीक्षक सरसावा सूबे सिंह, प्रभारी निरीक्षक गागलहेड़ी सुनील नेगी को अलग-अलग स्थानों पर जाकर खोजने की जिम्मेदारी दी गई है। थाने में हंगामे को देखते हुए पीएसी तैनात की गई है। पूरे मामले की निगरानी सीओ सदर रूचि गुप्ता खुद कर रही हैं।