सहारनपुर। बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान कराने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान मजदूर संगठन ने कलक्ट्रेट का घेराव किया। किसानों ने आठ घंटे तक जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने धरने पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी को भी अपने बीच बैठा लिया। किसान नेताओं की दो बार अधिकारियों से वार्ता हुई। वार्ता में अधिकारियों ने किसानों की मांगों के त्वरित निस्तारण के आश्वासन के बाद देर शाम साढे़ सात बजे धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे पहुंचे। उन्होंने डीएम दफ्तर के सामने दरी डालकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ज्ञापन देने पहुंचे भाकियू भानू के कार्यकर्ताओं ने भी धरना-प्रदर्शन का समर्थन किया। मौके पर आए जिला गन्ना अधिकारी को भी किसानों ने अपने बीच धरने पर बैठा लिया। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने धरने को संबोधित करते कहा कि सरकार और अधिकारी किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित किया है और न ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान हुआ है। निराश्रित घूम रहे गोवंश को गोशालाओं में भिजवाया जाए। आवारा पशुओं ने फसलों को बर्बाद कर दिया है। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले किसानों के लिए निशुल्क बिजली देने का वादा अपने चुनावी घोषणा पत्र में किया था। सरकार अब अपने वादे पर खरी नहीं उतर रही है। सहकारी चीनी मिल नानौता लगातार घाटे में चल रही है। इसकी जांच के आदेश 24 अगस्त को दिए गए थे, लेकिन अब तक इसकी जांच नहीं की गई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के रसायन युक्त पानी हिंडन और कृष्णा नदी में जाने से ये प्रदूषित हो गई हैं। इसके चलते ग्राम भनेड़ा खेमचंद में कैंसर और किडनी खराब होने से कई ग्रामीणों की मृत्यु भी हो गई है।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष वेदपाल सिंह, मंडल अध्यक्ष श्यामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष ठाकुर अजब सिंह, जिला प्रवक्ता आशीष राणा, विनोद कुमार, विकेश त्यागी, नरेंद्र सिंह, मुनेश्वर सिंह, मनोज राणा, सोविन्द्र राणा, जल सिंह, कुलदीप राणा आदि मौजूद रहे।
दूसरी बार हुई वार्ता में बनी सहमति
धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारियों ने वार्ता की। पहली बार मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी वार्ता में शामिल हुए। सहमति नहीं बनने से यह वार्ता विफल हो गई। जिसके बाद धरने को लगातार जारी रखने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में वार्ता की गई। मांगों के त्वरित निस्तारण के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया।
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भोजन व विश्राम की तैयारी कर ली थी
पूरे कलक्ट्रेट परिसर में किसानों के वाहन खड़े थे, जिससे अधिकारियों के वाहन भी नहीं आ सके। बेमियादी धरने के लिए किसानों ने डीएम कार्यालय पर ही भोजन और विश्राम की पूरी तैयारी कर ली थी।