सहारनपुर। शासन प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। जिले की छह में से पांच चीनी मिलों पर 376.31 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। समय पर गन्ना मूल्य नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनपद में देवबंद को छोड़कर अन्य सभी पांचों चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य बकाया है। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। गन्ना क्रय अधिनियम के अनुसार मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देनेे का प्रावधान है। शासन प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते जिले की पांच चीनी मिलों पर 376.31 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। समय पर भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने रोजमर्रा के खर्चों से लेकर शादी विवाह करने तक में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
बोले किसान
गांव इशहाकपुर के किसान पलटूराम स्वामी ने बताया कि वे गांगनौली चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करते हैं, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। अब परिवार में लड़की की शादी है। इसके लिए ब्याज पर पैसा लेना पड़ रहा है।
गांव सलेमपुर गदा के किसान सईद रावत का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान आर्थिक संकट में हैं, जबकि बिजली का कुछ महीने का बिल बकाया होने पर नलकूप का कनेक्शन तक काट दिया जाता है। बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं।
सभी चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। पांच मिलों पर करीब 376. 31 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। बकाया भुगतान में कोताही बरतने वाली मिलों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।
जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़ में)
मिल बकाया
गांगनौली 217.44
शेरमऊ 30.74
गागलहेड़ी 54.16
नानौता 39.48
सरसावा 35.21
नोट: गन्ना विभाग के 13 फरवरी के आंकड़ों के अनुसार।