तीतरों। निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे पर अधिग्रहित भूमि का मुआवजा न मिलने से नाराज रामरायखेड़ी व कलसी के किसानों ने टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उधर बाल्लू में भी चल रहे धरने को प्रशासन अभी तक समाप्त नहीं करा सका है।
बता दें कि तीतरों के ग्राम बाल्लू के किसान पिछले दो माह से निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे का कार्य बाधित करते हुए पटटों की भूमि का मुआवजा दिलाने के लिए धरना दे रहे हैं। रविवार को रामराय खेडी व कलसी के किसानों ने भी भारतीय किसान यूनियन के बैनर पर हाईवे की अधिगृहित भूमि पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों सेवाराम, ध्यान सिंह, दहल सिंह, धर्म सिंह, ऋषिराम, प्रीतम सिंह, प्रेम सिंह, सुरेश, सन्दीप कुमार व बलराम सिंह का आरोप है कि किसान पटटें की भूमि को संक्रमणीय भूमिदरी की श्रेणी में दर्ज कराकर कई साल से फसलें बोते चले आ रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी किसानों को अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का मुआवजा दिलाने के प्रति गंभीर नहीं हैं। सानों का कहना है कि मुआवजा मिलने तक धरना जारी रहेगा, प्रशासन चाहे तो किसानों के विरुद्ध मुकदमे करे या फिर लाठीचार्ज। धरना हरगिज समाप्त नहीं किया जाएगा।